ओम शांति नहीं, अब आ गया है ओम क्रांति का समय : गिरिराज

बोधगया : बोधगया में आयोजित संत समरसता संगम में शनिवार को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि आज भारत का सनातन खतरे में है. इस कारण अब ओम शांति-ओम शांति कहने का समय चला गया है और ओम क्रांति-ओम क्रांति कहने का वक्त आ चुका है. उन्होंने कहा कि आज रामभक्त खतरे में हैं […]

बोधगया : बोधगया में आयोजित संत समरसता संगम में शनिवार को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि आज भारत का सनातन खतरे में है. इस कारण अब ओम शांति-ओम शांति कहने का समय चला गया है और ओम क्रांति-ओम क्रांति कहने का वक्त आ चुका है. उन्होंने कहा कि आज रामभक्त खतरे में हैं और अगर रामभक्त नहीं बचेंगे, तो राम मंदिर का निर्माण कैसे हो पायेगा.
उन्होंने कहा कि आज कश्मीर में संत समरसता संगम का आयोजन नहीं किया जा सकता. क्योंकि संतों की सेवा करनेवालों को कश्मीर से भगा दिया गया. केंद्रीय मंत्री ने पूर्व की सरकार पर उंगली उठाते हुए कहा कि कश्मीर से करीब सात लाख हिंदुओं को भगाने के बाद न तो सरकार हिली और न ही हिंदू समाज के लोग व संत ही कुछ कर पाये.
आज देश में लगभग एक करोड़ से ज्यादा हिंदू हैं. श्रीराम का पुरुषार्थ जिस दिन जागेगा उस दिन हिंदू समाज राम मंदिर का निर्माण कर लेगा और राम मंदिर बन कर तैयार हो जायेगा. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश व पाकिस्तान में हिंदुओं के मंदिरों को तोड़ा जा रहा है. हिंदुओं के साथ अत्याचार किया जा रहा है.
उनके पलायन की नौबत आ गयी है और हम उसका प्रतिकार भी नहीं कर पा रहे हैं. इसलिए हमें इस ओर ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू आबादी एक प्रतिशत व बांग्लादेश में मात्र चार प्रतिशत है. इस कारण अगर आज नहीं जागे, तो कल जागने की स्थिति नहीं बचेगी.
बच्चों को दें धर्म की शिक्षा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज से हजार वर्ष पहले केवल हिंदू जाति थी, पर अब हिंदू अलग-अलग जातियों में विभक्त हो चुके हैं. इस कारण हमारी एकता कमजोर पड़ती जा रही है. इसका भी हमें ध्यान रखना होगा. उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों को ज्ञान-विज्ञान का शिक्षा देते हैं, पर धर्म की शिक्षा नहीं दे पाते हैं.
इसमें बच्चों का कोई दोष नहीं है, बल्कि दोष अभिभावकों का है. उन्होंने कहा कि अगर देश को बचाना है, तो देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना होगा. संतो को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने राम मंदिर निर्माण, सनातन धर्म की रक्षा सहित अन्य मसलों पर भी अपनी बात रखी. गौरतलब है कि बोधगया के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी परिसर में तीन दिवसीय संत समरसता संगम का आयोजन किया जा रहा है. इसमें देश के विभिन्न प्रांतों से साधु-संत हिस्सा ले रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >