अस्पताल में मरीजों से ली जा रही है पूरी जानकारी
अस्पताल प्रबंधनों का प्रयास तेज
गोल्डन कार्ड के लिए जरूरी है रजिस्ट्रेशन
गया : आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेना हो तो व्यक्ति को अस्पताल जाते वक्त राशन कार्ड साथ ले जाना होगा. अस्पताल प्रबंधन भी आने वाले मरीजों से यही अपील कर रहा है.
योजना की शुरुआत होने के बाद प्रबंधन ने भर्ती मरीजों का ब्योरा मांगना शुरू कर दिया है. हालांकि अस्पतालों में अभी इस योजना के तहत निबंधन की संख्या काफी कम है. इसके पीछे प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल आने वाले लोग जानकारी के अभाव में बिना राशन कार्ड के ही आ रहे हैं और कुछ सर्वर डाउन रहने के कारण आॅनलाइन काम होने में भी परेशानी हो रही है. शहर के तीन प्रमुख अस्पतालों से मिल जानकारी के मुताबिक मगध मेडिकल काॅलेज में 17,जय प्रकाश नारायण अस्पताल में 35 व प्रभावती अस्पताल 14 लोगों को गोल्डन कार्ड दिया गया है. जबकि कई लोगों के नाम निबंधन के लिए राज्य मुख्यालय भेजे गये हैं.
सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में होगा इलाज : स्वास्थ्य लाभ के लिए बनायी गयी आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा किया जायेगा.इसमें किसी भी बीमारी की स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने से पहले व बाद के खर्च को कवर किया जायेगा.जानकारों के मुताबिक इसमें ट्रांसपोर्ट पर भी होने वाला खर्च भी शामिल है.
परिवार को इसका लाभ मिले इसके लिए बहुत जरूरी है कि उनका योजना के साथ निबंधन हो और उनके पास गोल्डन कार्ड हो. कार्ड वाले व्यक्ति का इलाज देश के सभी सरकारी अस्पतालों में हो सकेगा. इनके अलावा वे अस्पताल जो आयुष्मान भारत योजना के साथ रजिस्टर्ड हैं वहां भी इलाज संभव हो सकेगा. जिला स्तर पर कई समितियां तैयार कर पूरी व्यवस्था को सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है.
वेबसाइट पर अपलोड होता है नाम
अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक इस योजना से जुड़े लाभुकों के विषय में जानकारी प्राप्त करने का सबसे आसान तरीका है उनके राशन कार्ड नंबर को वेबसाइट अपलोड करना. यही कारण है कि लोगों को राशन कार्ड साथ लाने से अपील की जा रही है.
अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों का जैसे ही रजिस्ट्रेशन होता है उस वक्त ही उनसे उनका राशन कार्ड नंबर ले लिया जाता है. इसके बाद आयुष्मान भारत योजना की वेबसाइट पर बेनिफिशयरी इंफार्मेशन सिस्टम पर जा कर लाभ लेने के इच्छुक आवेदनकर्ता का नाम व उसके राशन कार्ड की काॅपी को अपलोड किया जाता है.
सामाजिक आर्थिक व जाति जनगणना 2011 का आधार मानते हुए लाभुकों के नाम वेबसाइट पर अपलोड किये गये हैं. राशन कार्ड की जानकारी देने के बाद अगर आवेदनकर्ता का नाम लाभुकों की सूची में आ जाता है,तो उसके लिए गोल्डन कार्ड मुहैया करा दी जाती है.
