बांकेबाजार (गया) : रांची से पहुंची सीबीआई की टीम ने मंगलवार को इमामगंज बाजार स्थित हनुमान मंदिर के निकट रेनबो मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (ननबैंकिंग कंपनी) में छापेमारी कर जांच-पड़ताल की. सीबीआई की टीम ने मंगलवार की सुबह में ही इमामगंज पहुंच कर बैंक के पते पर कार्यालय को खोजना शुरू किया. लेकिन, बैंक का बैनर फटे व जीर्ण-शीर्ण अवस्था में होने के कारण टीम के सदस्यों को काफी भटकना पड़ा.
अंत में सीबीआई की टीम ने अपने हेड कार्यालय रांची से लाये गये दस्तावेज के आधार पर बैंक चलानेवाले डुमरिया प्रखंड के बेनीनगर गांव के रहनेवाले संतोष कुमार के घर पर पहुंच कर खोजबीन की. हालांकि, सीबीआई की टीम के आने की सूचना पाते ही संतोष मौके से फरार हो गया. लेकिन, सीबीआई की टीम ने गांव के ही एक लड़के से संतोष के घर से चाबी मंगवा कर बैंक का कमरा खोला. इसके बाद टीम ने बैंक के कागजात व अन्य दस्तावेज को खंगालना शुरू किया. सीबीआई की यह प्रक्रिया देर रात तक चलती रही.
सीबीआई की ईओ-छह रांची से आयी चार सदस्यीय टीम में शामिल रविशंकर ने बताया कि छापेमारी में शेयर सर्टिफिकेट, आरडी खाता, फिक्स्ड डिपॉजिट के अलाव पैसों के लेन-देन आदि दस्तावेज को खंगाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह बैंक मात्र पांच साल में ही ग्राहकों का पैसा दोगुना करने का दावा करता है और इसके चक्कर में गांव की भोली-भाली जनता फंस जाती है.
इस बैंक की मुख्य शाखा धनबाद में हैं और वर्ष 2016 से रांची हाइकोर्ट में उसके विरुद्ध मामला भी दायर किया गया है. इस संबंध में इमामगंज डीएसपी सुशील कुमार ने बताया कि सीबीआई की टीम ने रेनबो बैंक में दस्तावेज की जांच की है. उन्होंने कहा कि चिट-फंड मामले के तहत सीबीआई की रेड पड़ी है.
बोर्ड को भी ढक कर चलाया जा रहा था बैंक
बैंक की जानकारी आम लोगों को नहीं मिल सके, इसके लिए बैंक के प्रतिनिधि ने ब्रांच के मुख्य बोर्ड को फाड़ कर बैंक का नाम ढकने का भी प्रयास किया था. सीबीआई की चार सदस्यीय टीम ने बैंक को खोजते हुए इमामगंज पहुंच कर छानबीन शुरू की, तो आस-पास के दुकानदार स्तब्ध रह गये. जब सीबीआई की टीम बैंक परिसर में कागजात की छानबीन कर रही थी, तो कई लोगों ने यह जानना चाहा कि आखिर उनकी बैंक में जमा-पूंजी का क्या होगा.
लोगों को करोड़ों का चूना लगा गया रेनबो बैंक
इमामगंज विघानसभा क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है. यहां के रहनेवाले ग्रामीण भी भोले-भाले हैं. यही कारण है कि इस तरह के फर्जी बैंक इन इलाकों का अपना अड्डा चुनते हैं और भोले–भाले ग्रामीणों की गाढ़ी कमाई को लेकर फरार हो जाते हैं. जब इस बात की जानकारी ग्रामीणों को लगती है, तो उनके पास हाथ मलने के अलावा कुछ भी नहीं रहता है. रेनबो बैंक में भी लोगों के करोड़ों रुपये जमा हैं.
पहली बार इमामगंज में पड़ा सीबीआई का छापा
इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में सीआरपीएफ, ईडी, जिला पुलिस सहित अन्य अधिकारियों की छापेमारी तो होती रही है, लेकिन मंगलवार को इमामगंज मुख्यालय स्थित रेनबो बैंक में पहली मर्तबा सीबीआई का छापा पड़ने के बाद लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है. लोग दबे जुबान में यह कहते फिर रहे थे कि सीबीआई का छापा तो बड़े–बड़े नेताओं, उद्योग-धंधे चलाने वालों के यहां होता है. इमामगंज जैसे पिछड़े इलाके में सीबीआई की छापेमारी को एक नया अध्याय का शुभारंभ मान कर लोग इस कार्रवाई को देख रहे हैं.
छापेमारी की स्थानीय पुलिस को नहीं थी भनक
मंगलवार को रांची से आयी सीबीआई की टीम दोपहर से ही बैंक में छापेमारी कर रही थी, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. समाचार संकलन करने गये पत्रकारों को देख कर जब स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी मिली, तो इसकी खबर किसी ने पुलिस को दी. सूचना मिलते ही इमामगंज थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने रेनबो बैंक पहुंच कर सीबीआई की टीम से बातचीत की और उनकी पहचान से संतुष्ट होने के बाद उन्होंने कहा कि प्रशासन की सहायता की जरूरत हो, तो उन्हें सूचित करें.
