कहने को पॉश इलाका, पर रोड की सेहत खराब

मानपुर : नगर निगम के वार्ड 52 स्थित लखीबाग कालोनी कहने को पॉश इलाका है. यहां बड़े-बड़े आलीशान मकानों में रहनेवाले नेता से लेकर डॉक्टर व इंजीनियरों की भरमार है, फिर भी कालोनी की अधिकतर सड़कों की सेहत खराब है. अचरज की बात है कि बदहाल सड़कों की मरम्मत के लिए ईमानदारी से कोई आवाज […]

मानपुर : नगर निगम के वार्ड 52 स्थित लखीबाग कालोनी कहने को पॉश इलाका है. यहां बड़े-बड़े आलीशान मकानों में रहनेवाले नेता से लेकर डॉक्टर व इंजीनियरों की भरमार है, फिर भी कालोनी की अधिकतर सड़कों की सेहत खराब है. अचरज की बात है कि बदहाल सड़कों की मरम्मत के लिए ईमानदारी से कोई आवाज भी नहीं उठाता है.
जब कभी कुछ संगठन आवाज उठाते हैं, तो उसकी आवाजें नक्कारेखाने में तूती बोल कर रह जाती हैं. उस पर न तो नगर निगम ध्यान देता है, और न ही जिला प्रशासन. कुछ सड़कों पर गंदगी व कीचड़ का अंबार लगा है. लोगों का कहना है कि बच्चों को स्कूल छोड़ने व लाने में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. स्कूली बच्चों को हमेशा पैदल पार होने में ड्रेस तक गंदा हो जाता है. बाइक सवार लोग भी रोज दुर्घटना ग्रस्त होकर जख्मी हो रहे हैं. बारिश होने पर सड़कों पर घुटने के करीब पानी सड़कों पर जमा हो जाता है.
गया-नवादा मुख्य मार्ग से लखीबाग जानेवाली मुख्य सड़क जर्जर : लखीबाग मुहल्ले की अधिकांश सड़कें जर्जर है. चाहे खादी ग्राम उद्योग के पूरब वाली रोड या मदर्स इंटरनेशनल प्ले स्कूल से लक्ष्मी नारायण मंदिर वाली रोड़ नगर निगम के अधिकारी से लेकर वार्ड के पार्षद तक ने इस गंभीर समस्या का कोई भी निदान अब तक नहीं निकाला है. कालोनी के विकास को लेकर कुछ संगठन ने आवाज भी उठायी लेकिन, इससे समस्या अब तक दूर नहीं हुई.
क्षतिग्रस्त नालियां बनीं मुसीबत :
नाली का पानी रोड पर आते ही वाहनों के आने-जाने से बड़े बड़े गढ्ढे उभर गये. नाली व बरसात के पानी उसमें हमेशा जमा रहा. सड़क क्षतिग्रस्त होती चली गयी. इसका खामियाजा लखीबाग के लोगों को उठाना पड़ रहा है. दिन प्रति दिन समस्या भयावह होती जा रही है.
इस कॉलोनी में हैं कई शिक्षण संस्थान : मुहल्ले के अंदर दो दर्जन से अधिक पब्लिक स्कूल, नर्सिंग होम, लॉज हैं.
खास बात यह है कि गौरक्षणी मोड़ जाम रहने पर गया जाने के लिए लखीबाग की सड़क को विकल्प रोड के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. बड़े-छोटे वाहन इस मार्ग से गुजरते ही रहते हैं. पुलिस की नजर से बचने के लिए अपराधी भी इस मार्ग का बखूबी इस्तेमाल करते हैं.

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