बोधगया: बोधगया नगर पंचायत क्षेत्र व मुख्य रूप से मंदिर क्षेत्र के विकास को लेकर जल्द ही बोधगया डेवलपमेंट ऑथोरिटी (बीडीए) का गठन किया जायेगा. इसमें प्रशासनिक पदाधिकारी, नगर पंचायत सहित स्थानीय स्टेक होल्डरों को भी शामिल किया जायेगा. गुरुवार को नगर विकास व आवास विभाग के सचिव एस सिद्धार्थ ने इस आशय की जानकारी दी.
वह विभाग के संयुक्त सचिव जय कुमार सिंह व बुडकों के प्रबंध निदेशक सुमन कुमार सुमन के साथ बोधगया में जारी सीवरेज व जलापूर्ति योजनाओं का जायजा भी लिया. इस दौरान उन्होंने बताया कि गया व बोधगया के नदी तटीय घाटों को पैदल पथ से जोड़ने की योजना है. इस पर मोचारिम से सूर्यपुरा तक नदी तट पर पैदल पथ बनाने का प्रस्ताव बना कर सरकार को भेजने का निर्देश नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी एसके लाल को दिया.
इसके साथ ही नोड-1 स्थित बस पड़ाव को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ ही पड़ाव पर यात्री शेड बनाने की योजना से अवगत कराते हुए बोधगया के लिंक रोड पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने पर भी बल दिया. कार्यपालक पदाधिकारी (इओ)ने बताया कि सुजाता बाइपास रोड, दोमुहान-चेरकी रोड, बोधगया- मोचारिम रोड, कटोरवा रोड व बकरौर रोड को दुरुस्त कर उक्त सड़कों पर एलक्ष्डी लाइट लगाने का निर्देश सचिव ने दिया है. इओ ने बताया कि बोधगया के मुख्य सड़कों के किनारे पेवर ब्लॉक(पैदल पथ) बना कर सड़कों पर उड़नेवाली धूल से निजात पाने व बोधगया को डस्ट फ्री जोन बनाने की भी सलाह दी गयी है. इसके लिए धूल बटोरने वाली मशीन का भी उपयोग किया जा सकता है.
अधिकारियों ने सीवरेज के लिए बनाये जा रहे प्लांट व नगर पंचायत के लिए बननेवाले भवन का स्थल निरीक्षण भी किया. विभाग के सचिव ने महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की व नगर पंचायत की अध्यक्ष प्रीति सिंह और उपाध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह से मुलाकात कर नगर पंचायत क्षेत्र में अन्य विकास योजनाओं के प्रस्ताव की मांग की. हालांकि, नगर पंचायत द्वारा पूर्व में वेंडर जोन व स्टेडियम सहित अन्य विकास योजनाओं का प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेजा गया है. अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने नगर पंचायत की आर्थिक स्थिति व जरूरतों से उन्हें अवगत कराया. नगर विकास विभाग के सचिव गुरुवार की शाम करीब पांच बजे बोधगया पहुंचे व डेढ़ घंटे तक भ्रमण के बाद वापस लौट गये.
