शर्म करिए, आपके कारण चौपट हो गया है सिस्टम, व्यवस्था सुधारने के लिए तीन महीने का दिया वक्त

गया : एएनम स्कूल में पहुंचे डीएम ने प्रभावती अस्पताल की भी जांच की. डीएम ने कहा कि हर रोज अखबारों के माध्यम से पता चल रहा है कि अस्पताल की व्यवस्था कितनी अराजक है. लोगों की लगातार शिकायतें मिल रही हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा ‘आप लोगों को शर्म अानी चाहिए, आपकी वजह से […]

गया : एएनम स्कूल में पहुंचे डीएम ने प्रभावती अस्पताल की भी जांच की. डीएम ने कहा कि हर रोज अखबारों के माध्यम से पता चल रहा है कि अस्पताल की व्यवस्था कितनी अराजक है. लोगों की लगातार शिकायतें मिल रही हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा ‘आप लोगों को शर्म अानी चाहिए, आपकी वजह से यहां की पूरी व्यवस्था चौपट हो गयी है’.
डीएम ने कहा कि यहां जो इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद वह सभी यहीं के कर्मचारियों की वजह से बर्बाद हो रहे हैं. डीएम ने हर जिम्मेदार कर्मचारी का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है. डीएम ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी अगले तीन महीने में तय करें कि यहां मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर का किस तरह से बेहतर प्रयोग हो सकता है. इसकी प्लानिंग करें. डीएम ने कहा कि यह कितनी खराब बात है कि शहर के बीच का यह अस्पताल इतनी खराब स्थिति में है. डीएम ने सिविल सर्जन से भी कहा कि यह लापरवाही उनकी भी है. उन्होंने सिविल सर्जन से कहा कि हर कुछ दिन पर आकर यहां की व्यवस्था देखें.
बिना एसी और पल्स मीटर के आॅपरेशन
डीएम ने अस्पताल का प्रसव कक्ष और आॅपरेशन थिएटर देखा. यहां मौजूद नर्स को आॅक्सिजन आॅन करने को कहा,लेकिन स्टार्ट नहीं हो सका. आॅपरेशन थिएटर का पल्स माॅनिटर भी खराब पड़ा था. दोनों ही जगह की स्थिति बहुत खराब थी. पूछने पर बताया गया कि पल्स मशीन बीते एक वर्ष से खराब है. डीएम हैरान हो गये, पूछा कि बिना पल्स मीटर के आॅपरेशन कैसे होता है. किसी के पास जवाब नहीं था. दोनों जगहों के एसी खराब थे जबकि दोनों ही जगहों के लिए तापमान कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है.
डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अधिकारियों से कहा कि हर महीने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक होती है तो कोई भी अधिकारी समस्याअों की जानकारी नहीं देता. सभी आतें है, बैठते हैं और चले जाते हैं. जब जांच होती है और गड़बड़ी मिलती है तो तरह- तरह की कमियों का रोना रोते हैं.
अखबारों से मिलती हैं खबरें
जांच के दौरान डीएम ने कहा कि कोई भी अधिकारी कभी यहां की व्यवस्था जांचने नहीं आता है. अखबारों में हर कुछ दिनों के बाद यहां की कुव्यवस्था की जानकारी मिलती है. यह बहुत खराब बात है. उन्होंने सिविल सर्जन से कहा कि चीजें सामने आ जाने के बाद भी कोई जांच व निरीक्षण नहीं किया जाना बहुत गलत बात है. डीएम ने कहा सभी की मिलीभगत है. सबने मिल कर पूरी व्यवस्था को चौपट किया है.
बिना एसी और पल्स मीटर के आॅपरेशन
डीएम ने अस्पताल का प्रसव कक्ष और आॅपरेशन थिएटर देखा. यहां मौजूद नर्स को आॅक्सिजन आॅन करने को कहा,लेकिन स्टार्ट नहीं हो सका. आॅपरेशन थिएटर का पल्स माॅनिटर भी खराब पड़ा था. दोनों ही जगह की स्थिति बहुत खराब थी. पूछने पर बताया गया कि पल्स मशीन बीते एक वर्ष से खराब है. डीएम हैरान हो गये, पूछा कि बिना पल्स मीटर के आॅपरेशन कैसे होता है. किसी के पास जवाब नहीं था.
दोनों जगहों के एसी खराब थे जबकि दोनों ही जगहों के लिए तापमान कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है. डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अधिकारियों से कहा कि हर महीने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक होती है तो कोई भी अधिकारी समस्याअों की जानकारी नहीं देता. सभी आतें है, बैठते हैं और चले जाते हैं. जब जांच होती है और गड़बड़ी मिलती है तो तरह- तरह की कमियों का रोना रोते हैं.
नदारद रहते हैं डाॅक्टर
अस्पताल की स्थिति यह है कि यहां ड्यूटी खत्म होने से पहले ही डाॅक्टर और कर्मचारी गायब हो जाते हैं. जांच के दौरान डाॅक्टर आॅन ड्यूटी रूम बंद मिला. कोई डाॅक्टर भी नहीं था. ड्यूटी पर रहे डाॅक्टर को शायद किसी ने सूचना दी होगी तो अस्पताल के पीछे वाले दरवाजे से पहुंचे. इधर ड्रग स्टोर इंचार्ज भी गायब मिले. डीएम ने अस्पताल में मौजूद दवाइयों की सूची देखी और ड्रग स्टोर इंचार्ज को तलब किया.
डीएम ने सिविल सर्जन को आदेश दिया कि ड्रग इंस्पेक्टर को बुलवा कर यहां की सारी मौजूद दवाओं की जांच कराएं. डीएम ने इस दौरान अस्पताल के अधिकारी व कर्मचारियों की जम कर फटकार लगायी.

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