लंबित याेजनाओं काे शीघ्र पूरा करने की सख्त हिदायत
वजीरगंज, टिकारी टनकुप्पा व मोड़हा की हालत खराब
गया : राज्य के एकमात्र गया जिले में चल रही प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम विकास योजना के तहत वर्ष 2011-12 में चयनित 225 गांव को आदर्श बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. समाहरणालय सभाकक्ष में शुक्रवार काे डीएम अभिषेक सिंह ने प्रखंडवार इसकी प्रगति की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा अनेक योजनाओं के कामकाज में प्रगति की बात बतायी. इनमें वजीरगंज के बीडीआे की 58 योजनाएं, टिकारी की 47 योजनाएं, टनकुप्पा की 125 योजनाएं, मोहड़ा की 29 योजनाएं अधूरी बतायी गयीं. डीएम ने सभी बीडीआे से कहा कि जिनकी भी योजनाएं पूरी नहीं हुई हैं, वे सभी इस माह में लंबित योजनाओं को शत-प्रतिशत पूरा करेंगे.
प्रखंडों में 13 कराेड़ का डीसी बिल लंबित
अन्य विभागाें के कार्यपालक अभियंताओं को तीन महीने के अंदर लंबित योजनाओं को पूर्ण करने का निर्देश दिया.
ग्रामीण कार्य विभाग की सात योजनाएं लंबित हैं, ग्रामीण कार्य विभाग नीमचक बथानी की नौ योजनाएं, ग्रामीण कार्य विभाग टिकारी की तीन योजनाएं लंबित हैं. कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल को 37 अधूरी योजनाओं के लिए रुपये की मांग करने का निर्देश दिया गया. समीक्षा के क्रम में पाया गया कि योजनाओं के डीसी बिल अनेक प्रखंडों के लंबित हैं, जिनमें मोहनपुर प्रखंड के दो करोड़ रुपये, मानपुर प्रखंड के एक करोड़ रुपये, फतेहपुर प्रखंड के तीन करोड़ रुपये,
बाराचट्टी प्रखंड के एक करोड़ रुपये, टिकारी प्रखंड के एक करोड़ रुपये शामिल हैं.
इस तरह कुल 13 करोड़ रुपये के डीसी बिल लंबित हैं, जिन्हें 15 दिनों के अंदर जमा कराने का निर्देश दिया गया. संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गयी. उन्होंने प्रत्येक गांव के लिए ग्राम विकास योजना बना लेने, आवश्यक रुपये की मांग करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि पूरे बिहार में केवल गया जिला को ही इस योजना के लिए चुना गया है.
