Gaya News(नवीन कुमार मिश्रा): गुरुआ थाना में अधिवक्ता के साथ कथित अभद्र व्यवहार और हथकड़ी लगाकर कोर्ट भेजे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. तेलियाचक निवासी अधिवक्ता मुसाफिर रविदास के समर्थन में बार एसोसिएशन खुलकर सामने आ गया है. घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से खुद को अलग रखने का निर्णय लिया है. जानकारी के अनुसार गांव में बच्चों के बीच हुए विवाद के मामले में अधिवक्ता मुसाफिर रविदास अपना पक्ष रखने गुरुआ थाना पहुंचे थे. आरोप है कि थाना पहुंचते ही एसएचओ मनीष कुमार ने उन्हें हाजत में बंद कर दिया.
अधिवक्ताओं में नाराजगी
अधिवक्ता का कहना है कि उन्हें पूरी रात थाना में रखा गया तथा खाने-पीने तक की व्यवस्था नहीं की गई. अगले दिन पुलिस द्वारा उन्हें खुले टेंपो में हथकड़ी लगाकर कोर्ट लाया गया. कोर्ट परिसर में जैसे ही बार एसोसिएशन के सदस्यों ने अधिवक्ता को हथकड़ी में देखा, अधिवक्ताओं में नाराजगी फैल गई. अधिवक्ताओं ने तत्काल विरोध जताते हुए हथकड़ी खुलवाई और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया. इसके बाद कोर्ट परिसर में काफी देर तक हंगामा होता रहा.
बार एसोसिएशन की आपात बैठक
अधिवक्ता को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी एहसान रशीद की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई. घटना के बाद बार एसोसिएशन की आपात बैठक हुई. बैठक में सचिव सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस के द्वारा की गई यह बर्बरता पूर्ण कार्रवाई है ऐसे पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के रवैये की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की.
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