पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड

VIDEO: पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड, NIT घाट पर कमर तक पानी; बच्चों के सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, 2016 का रिकॉर्ड टूट गया है। NIT घाट पर कमर तक पानी भर गया है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Bihar Flood Alert : बिहार में नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के आसपास पानी तेजी से फैल रहा है. सोमवार को पटना के NIT घाट पर स्थिति का जायजा लेने के दौरान घाट से कुछ ही दूरी पर कमर तक पानी पहुंचा हुआ नजर आया. घाट का बड़ा हिस्सा पानी में डूब चुका है, जबकि मंदिर के आसपास का इलाका भी जलमग्न होने के कगार पर है.

2016 का रिकॉर्ड टूटा, 12 जिलों में 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

राज्य में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है. करीब 12 जिलों के 70 प्रखंडों की 368 गांवों की लगभग 22.42 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित बतायी जा रही है. पटना में भी गंगा के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है. गंगा पटना के गांधीघाट, पंडारक, दानापुर और बांका घाट में अपने पिछले उच्चतम स्तर से ऊपर बह रही है. हालांकि इन स्थानों पर जलस्तर की प्रवृत्ति फिलहाल स्थिर बतायी गयी है.

प्रशासन की बैरिकेडिंग के बावजूद पानी में पहुंच रहे बच्चे

NIT घाट को संवेदनशील और खतरनाक घाट के तौर पर चिह्नित किया गया है. इसके बावजूद कुछ बच्चे पानी के बीच पहुंचते और आते-जाते दिखाई दिये. इससे प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. जब घाट पर इतना पानी है और आगे बढ़ने पर गहराई और बढ़ रही है, तो बच्चों का यहां तक पहुंचना गंभीर चिंता का विषय है.

आगे बढ़ने पर बढ़ रहा पानी का फ्लो

NIT घाट से करीब 100 से 200 मीटर आगे बढ़ने पर पानी की गहराई के साथ उसका बहाव भी दिखाई दे रहा है. मंदिर से कुछ दूरी आगे पानी में गति अधिक महसूस हो रही है. तेज हवा और मौसम को लेकर जारी अलर्ट के बीच ऐसे स्थानों पर जाना हादसे को न्योता दे सकता है.

लोगों से NIT घाट नहीं आने की अपील

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय लोगों और आसपास से पटना घूमने आने वाले लोगों से NIT घाट और पानी के आसपास जाने से बचने की अपील की गयी है. यदि कोई व्यक्ति किसी काम से घाट तक पहुंच भी गया है, तो उसे पानी में उतरने से पूरी तरह बचना चाहिए. खासकर मंदिर के आसपास के जलमग्न इलाकों में जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है.

शहर अभी काफी हद तक सुरक्षित, लेकिन खतरा बरकरार

फिलहाल पटना का शहरी इलाका बड़े स्तर पर बाढ़ के पानी से बचा हुआ है, जबकि आसपास के कुछ गांवों और निचले इलाकों तक पानी पहुंच चुका है. गंगा के जलस्तर में आगे और वृद्धि होती है तो स्थिति बदल सकती है. ऐसे में प्रशासन के लिए नदी के साथ-साथ शहर की जलनिकासी व्यवस्था और पंपिंग सिस्टम पर भी लगातार नजर रखना जरूरी होगा.

हर अपडेट पर नजर, प्रभात खबर की ग्राउंड रिपोर्ट जारी

बिहार के अलग-अलग हिस्सों से बाढ़ की तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं. प्रभात खबर की टीम भी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों की परेशानी, बाढ़ का असर और प्रशासन की तैयारियों को लगातार सामने ला रही है. पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है.

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By विवेक सिंह

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