पटना में गंगा ने तोड़ा 10 साल पुराना रिकॉर्ड

VIDEO: पटना में गंगा ने तोड़ा 10 साल पुराना रिकॉर्ड, गांधी घाट पर 50.53 मीटर पहुंचा जलस्तर; अगले 24 घंटे अहम

पटना में गंगा नदी ने 2016 का अपना उच्चतम जलस्तर रिकॉर्ड तोड़ दिया है. गांधी घाट पर पानी 50.53 मीटर तक पहुंच गया है, जो चिंता का विषय है. प्रशासन अलर्ट पर है और अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं.

Bihar Flash Flood : बिहार की राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. गांधी घाट पर शनिवार को गंगा ने वर्ष 2016 में दर्ज अपने उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. उपलब्ध जानकारी के अनुसार गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.53 मीटर तक पहुंच गया, जबकि वर्ष 2016 में उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर दर्ज किया गया था. यानी इस बार गंगा का पानी पुराने रिकॉर्ड से एक सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. जलस्तर में अभी बढ़ोतरी का रुझान बना हुआ है, जिससे आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है.

गांधी घाट पर टूटा 10 साल पुराना रिकॉर्ड

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार 5 सितंबर की सुबह 9 बजे गांधी घाट गेज स्थल पर गंगा का जलस्तर 50.51 मीटर दर्ज किया गया था, जो खतरे के निशान से 1.91 मीटर ऊपर था. इसके बाद जलस्तर में और बढ़ोतरी हुई और बाद की रीडिंग में यह 50.53 मीटर तक पहुंच गया.

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी बताया कि गांधी घाट पर गंगा ने वर्ष 2016 के उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड पार कर लिया है. उनके अनुसार उस समय 50.52 मीटर का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था, जबकि इस बार जलस्तर 50.53 मीटर तक पहुंच चुका है.

अगले 24 घंटे बेहद अहम, अभी बढ़ रहा पानी

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा का जलस्तर अभी बढ़ने के रुझान में है और कुछ और वृद्धि की संभावना बनी हुई है. हालांकि प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी संवेदनशील एवं खतरनाक बिंदुओं पर मुस्तैद हैं.

उन्होंने बताया कि गंगा में अचानक बढ़े पानी के पीछे मुख्य रूप से सोन और घाघरा नदियों से आए पानी को वजह माना जा रहा है. फिलहाल सोन नदी का जलस्तर घट रहा है, जबकि घाघरा की स्थिति स्थिर बतायी जा रही है. ऐसे में अगले 24 घंटे में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद भी जतायी गयी है.

आपदा प्रबंधन विभाग ने डीएम-एसपी को किया अलर्ट

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला पदाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है. विभाग ने तटबंध के नदी वाले हिस्से में रहने वाले लोगों को स्थिति की जानकारी देने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है.

प्रशासन को विशेष रूप से दियारा क्षेत्रों में बढ़ते दबाव को देखते हुए सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है. लोगों को माइकिंग के माध्यम से भी संभावित खतरे की जानकारी देने और जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है.

मुख्यमंत्री ने किया गंगा का हवाई सर्वेक्षण

गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से गंगा और प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया था. इसके बाद अधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.

जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बढ़ते जलस्तर का पानी रिहायशी इलाकों में प्रवेश न करे. प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी और स्थिति की समीक्षा की जा रही है.

पटना में बाढ़ के खतरे पर प्रशासन की नजर

गंगा के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से पटना के दियारा और निचले इलाकों में चिंता बढ़ गयी है. प्रशासन का फोकस फिलहाल रिहायशी इलाकों को सुरक्षित रखने और संभावित बाढ़ की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने पर है. अधिकारियों को लगातार जलस्तर की निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

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By विवेक सिंह

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