Ford Hospital: सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 55 वर्षीय व्यक्ति के घुटने के क्षतिग्रस्त लिगामेंट का फोर्ड हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, पटना में दूरबीन (आर्थ्रोस्कोपी) तकनीक से सफल पीसीएल (पोस्टेरियर क्रूसिएट लिगामेंट) रिकंस्ट्रक्शन किया गया. सर्जरी डॉ. विनीत विवेक, डॉ. राजा अनुराग और डॉ. राजीव कुमार की टीम ने की. ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. फिलहाल उसकी फिजियोथेरेपी चल रही है.
भागलपुर के रानी बामिया निवासी सत्येंद्र कुमार ( बदला हुआ नाम) कुछ दिन पूर्व बाइक दुर्घटना में घायल हो गए थे. दुर्घटना में उनके दाएं पैर के घुटने का पीसीएल लिगामेंट टूट गया था. चोट के कारण उन्हें चलने-फिरने में काफी परेशानी हो रही थी और पैर पर संतुलन बनाए रखना भी मुश्किल हो गया था. लगातार दर्द और अस्थिरता के कारण उनकी दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं.
जांच और एमआरआई रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञों ने मरीज के पीसीएल रिकंस्ट्रक्शन का निर्णय लिया. करीब दो घंटे तक चले ऑपरेशन को दूरबीन विधि से सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया.
फोर्ड हॉस्पिटल के निदेशक एवं हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि पीसीएल घुटने को स्थिरता प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण लिगामेंट है. सड़क दुर्घटनाओं में इसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका रहती है.
उन्होंने कहा कि आर्थ्रोस्कोपिक तकनीक से किए जाने वाले पीसीएल रिकंस्ट्रक्शन में चीरा छोटा होता है, दर्द कम होता है तथा मरीज अपेक्षाकृत जल्दी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है.
