Darbhanga News: नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को अनादि फाउंडेशन के पिंडारुछ परिसर में महिला सशक्तिकरण को समर्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर ग्रामीण विकास, महिला उद्यमिता और आर्थिक भागीदारी को लेकर विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे.
महिलाओं को बदलाव की अगुवा बनाने पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नाबार्ड, दरभंगा की जिला प्रबंधक राजनंदिनी ने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि बदलाव की अगुवा माना जाए. उन्होंने कहा कि महिलाएं खेती, पशुपालन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. यदि उन्हें वित्तीय साक्षरता, तकनीक और बाजार का सहयोग मिले तो बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है.
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की जरूरत
अनादि फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रदीप कांत चौधरी ने कहा कि फसल उत्पादन से लेकर भंडारण तक हर स्तर पर महिला किसानों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है, लेकिन निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी अभी भी सीमित है. उन्होंने कहा कि बिहार का आर्थिक विकास महिला उद्यमियों को नेतृत्व की भूमिका देने से ही संभव होगा.
हस्तशिल्प मेले में महिलाओं ने दिखाया हुनर
कार्यक्रम के दौरान आयोजित लघु हस्तशिल्प मेले में महिलाओं ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया. मधुबनी पेंटिंग, बांस और जूट उत्पाद बनाने वाली महिलाओं ने बताया कि नाबार्ड के सहयोग से उन्हें बैंक लिंकेज और बाजार तक बेहतर पहुंच मिल रही है, जिससे उनकी आय और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि हुई है.
