Darbhanga News: बिरौल. नगर पंचायत का दर्जा वर्ष 2017 में मिले आठ साल गुजर गये, लेकिन आज तक इलाके की प्रगति की बिरौल की जनता की आस पूरी नहीं हो सकी है. आठ वर्षों के इंतजार के बाद 2023 में हुए नगर पंचायत चुनाव के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. विशेषकर वार्ड संख्या पांच, छह व 10 में की स्थिति और भी बदतर है. इन क्षेत्रों में न तो सड़क बनी है और न ही नाला का ही निर्माण किया गया है. स्ट्रीट लाइट का प्रबंध भी नहीं है. सफाई व्यवस्था भी बदहाल दिख रही है. सुपौल बाजार का आधा हिस्सा नगर पंचायत क्षेत्र में आता है. स्थानीय दुकानदार कृष्णा साहु बताते हैं कि गली-मोहल्लों में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है. दुकान बंद होते ही पूरा बाजार अंधेरे में डूब जाता है. वहीं मो. नौशाद का कहना है कि बाजार क्षेत्र में जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है. हल्की बारिश में ही पूरा बाजार कीचड़ से लथपथ हो जाता है. पानी से भर जाता है. यहां नाला व पक्की सड़क की बेहद जरूरत है. नगर पंचायत क्षेत्र के उप मुख्य पार्षद अख्तर शहंशाह ने भी स्वीकार किया कि आरटीपीएस काउंटर, राशन कार्ड, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन जैसी योजनाओं से बड़ी संख्या में लोग आज भी वंचित हैं. उन्होंने बताया कि जनता की समस्याओं को लेकर कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई. जनता में अब आक्रोश झलकने लगा है.
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