Darbhanga News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (लनामिवि) के पीजी गणित विभाग एवं डॉ. प्रभात दास फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को ‘वैदिक सूत्र एवं आधुनिक गणित’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार में वक्ताओं ने वैदिक गणित की उपयोगिता, वैज्ञानिक आधार तथा आधुनिक गणितीय गणनाओं में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की.
वैदिक गणित से समय की बचत और मानसिक क्षमता का विकास
मुख्य वक्ता डॉ. डीके यादव ने कहा कि वैदिक गणित जटिल गणितीय गणनाओं का आधुनिक और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है. इसकी सरल युक्तियों के माध्यम से कठिन से कठिन गणनाओं को कम समय में हल किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इससे समय की बचत होने के साथ-साथ स्मरण शक्ति, मानसिक चपलता और समस्या समाधान की क्षमता का भी विकास होता है.
जटिल गणनाओं को सरल बनाती है वैदिक गणित : डॉ. एसएन राय
सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. एसएन राय ने कहा कि वैदिक गणित की जड़ें भारतीय वेदों में निहित हैं. यह मानसिक गणना की ऐसी पद्धति है, जो जटिल गणनाओं को सरल एवं सहज बनाती है. उन्होंने कहा कि आधुनिक कंप्यूटिंग और शोध के क्षेत्र में भी वैदिक गणित के सिद्धांत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं तथा विश्व स्तर पर इस विषय पर अनुसंधान लगातार बढ़ रहा है.
गणना की गति और सटीकता में होती है वृद्धि
डॉ. अभिमन्यु ने कहा कि वैदिक गणित मानसिक गणना को बढ़ावा देता है, जिससे गणना की गति, सटीकता और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है. वहीं, पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. अयाज अहमद ने विषय प्रवेश कराते हुए बताया कि वैदिक गणित में 16 मुख्य सूत्र और 13 उपसूत्र हैं, जिनके माध्यम से जटिल गणितीय समस्याओं का सरल समाधान संभव है.
शोधार्थियों और छात्रों की रही भागीदारी
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत डॉ. नेहा वर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रभात दास फाउंडेशन के सचिव मुकेश कुमार झा ने किया. सेमिनार में जेआरएफ लालू प्रसाद यादव, अनिल कुमार सिंह, विष्णु प्रभाकर, जनक पासवान सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
