विकसित भारत के निर्माण में स्टार्टअप की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण

विकसित भारत के निर्माण में स्टार्टअप की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह नवाचार, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

दरभंगा. विकसित भारत के निर्माण में स्टार्टअप की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह नवाचार, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. शोध विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल होने के नाते इस क्षेत्र में स्टार्ट अप मटेरियल कन्सलटेंसी उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण जवाबदेही है. इसके लिए सभी पीजी विभागों को साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा. यह बात गुरुवार को पीजी रसायन शास्त्र विभाग एवं एसोसिएशन ऑफ केमिस्ट्री टीचर्स, मुम्बई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल कान्फ्रेंस में कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने कही. ””””””””केमिस्ट्री आफ मटेरियल्स फार सस्टेनेबल फ्यूचर”””””””” विषय पर आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि आज हम तकनीकी प्रगति के युग में जी रहे हैं, जहां औद्योगिक उत्पादों को डिजाइन करने, इसे विकसित करने और इसका निर्माण करने के लिए क्रांतिकारी तरीकों का उपयोग हो रहा है. कारखाने जहां अधिक स्मार्ट होते जा रहे हैं, वहीं रोबोटिक्स, स्वचालन और डाटा का उपयोग परेशानी मुक्त संचालन और बुद्धिमान निर्णय लेने के लिए किया जा रहा है.

पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में रसायन विज्ञान की भूमिका महत्वपूर्ण- प्रो. दिलीप

पीजी रसायन विभागाध्यक्ष सह विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार चौधरी ने कहा कि सतत और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में रसायन विज्ञान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. कहा कि आज दुनिया जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों की कमी, प्रदूषण और लगातार बढ़ती ऊर्जा की मांग सरीखे अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है. रसायन विज्ञान स्वच्छ ऊर्जा, कुशल संसाधन के उपयोग और हरित प्रौद्योगिकियों के लिए अभिनव समाधान प्रदान करने के केंद्र में है. विश्वविद्यालय के वित्तीय सलाहकार इंद्र कुमार ने भी विचार रखा.

स्मारिका का किया गया विमोचन

इससे पहले कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने मंचासीन अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया. अतिथियों का स्वागत पाग, चादर, स्मृति-चिन्ह एवं पौधा से किया गया. विषय प्रवेश डॉ अभिषेक राय ने कराया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ आकांक्षा उपाध्याय ने किया. शैक्षिक सत्र में विषय विशेषज्ञों ने जानकारियां साझा की. मौके पर संगोष्ठी की स्मारिका का भी विमोचन किया गया. इस अवसर पर डॉ प्रेम मोहन मिश्र, डॉ अरुण कुमार सिंह, प्रो. अजय नाथ झा, अ पुष्पम नारायण, डॉ सविता वर्मा, डॉ मंजू राय, प्रो. संजय कुमार चौधरी, डॉ सोनू राम शंकर, डॉ विकास कुमार सोनू सहित विश्वविद्यालय के अनेक पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, शिक्षक एवं छात्र छात्रा मौजूद रहे.

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Published by: Ranjeet thakur

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