Darbhanga : सेवा नियमितीकरण से हो सकेगा शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित

संबद्ध कालेज में 19 अप्रैल 2007 के बाद शासी निकाय द्वारा नियुक्त एवं कार्यरत शिक्षकों की ओर से सेवा नियमितीकरण की मांग उठने लगी है.

Darbhanga : दरभंगा. संबद्ध कालेज में 19 अप्रैल 2007 के बाद शासी निकाय द्वारा नियुक्त एवं कार्यरत शिक्षकों की ओर से सेवा नियमितीकरण की मांग उठने लगी है. महात्मा गांधी कालेज के ऐसे शिक्षकों ने बुधवार को शासी निकाय के अध्यक्ष सह प्रदेश सरकार के मंत्री संजय सरावगी को उनके आवास पर मांग से अवगत कराया. शिक्षकों का कहना था कि 19 अप्रैल 2007 से पूर्व नियुक्त एवं कार्यरत शिक्षकों की सेवा नियमितीकरण की विहित प्रक्रिया सरकार के आदेश से पूरी की जा चुकी है. इसके बाद जिन शिक्षकों की नियुक्ति की गई तथा जो अद्यतन कार्यरत हैं, उनकी सेवा नियमितीकरण को लेकर विवि द्वारा अभी तक चयन समिति गठित नहीं की गयी है. इस कारण इस कोटि के शिक्षकों की सेवा नियमित नहीं हो सकी है. कहा कि कालेज का अधिकांश शैक्षणिक कार्य उनके सहारे चल रहा है. 19 अप्रैल 2007 के बाद नियुक्त शिक्षकों का भविष्य तब ही सुरक्षित हो सकेगा, जब सेवा नियमित हो.

विवि से रकम विमुक्त कराने का आग्रह

शिक्षकों ने इसके अलावा मंत्री के समक्ष स्नातक प्रथम वर्ष व प्रथम सेमेस्टर में नामांकित छात्रों से आवेदन मद के प्राप्त शुल्क का 50 प्रतिशत शेयर कई साल से विवि पर बकाया रहने की बात कही. कालेज का यह रकम लगभग 30 लाख रुपये से अधिक होता है. इसे विवि से भुगतान कराने के लिए कुलपति से निवेदन करने को कहा ताकि उनके वेतन में वृद्धि हो सके. शिक्षकों ने बताया कि मंत्री ने तत्संबंधी बातें कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी से मोबाइल के माध्यम से की. कुलपति ने उन्हें कार्रवाई करने का भरोसा दिया.

परीक्षा डयुटी करने वालों को चाय के साथ मिलेगा नाश्ता

ग्रीष्मावकाश में परीक्षा केंद्र बनाए जाने को लेकर मंत्री सह शासी निकाय अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रधानाचार्य डॉ राधा कृष्ण प्रसाद को ड्यूटी करने वालों के लिए अनिवार्य रूप से नाश्ता तथा चाय की व्यवस्था लागू करने को कहा. बताया जाता है कि ऐसी सुविधा अंगीभूत कॉलेज में भी नहीं मिलती है. मंत्री से मिलने वाले शिक्षकों में डॉ अविनाश कुमार, डॉ रामनाथ शर्मा, डॉ राहुल पासवान, डॉ रामानेक कुशवाहा, डॉ रूपम कुमारी, डॉ बेबी कुमारी, डॉ रमेश प्रसाद, डॉ गणेश यादव, डॉ जीवकांत सिंह, डॉ दिलीप कुमार ठाकुर, डॉ अर्चना कुमारी, अरुण शर्मा, स्वाति प्रियदर्शी, डोली देवी, आतिश कुमार पासवान आदि शामिल थे.

मिथिला महिला महाविद्यालय के शिक्षाकर्मियों काे 13 महीने से नहीं मिल रहा मानदेय

दरभंगा. मिथिला महिला महाविद्यालय के शिक्षाकर्मियों का 13 महीने से मानदेय लंबित है. कॉलेज के शिक्षक प्रतिनिधि अखिल रंजन झा का कहना है कि इसका मूल कारण प्रशासनिक विफलता व वित्तीय अराजकता है. बताया कि सचिव तथा प्रभारी प्रधानाचार्य द्वारा अंतर स्नातक अनुदान वितरण में व्यापक गड़बड़ी से अधिकांश कर्मी आक्रोशित हैं. शासी निकाय की गत वर्ष दिसंबर में हुई बैठक में महाविद्यालय के व्यवस्थित संचालन के लिए कई कमेटी बनाई गई थी. उपस्थिति गणना कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अनुदान या मासिक भुगतान किया जाना था. लेकिन, सचिव व प्रभारी प्रधानाचार्य ने कमेटी से उपस्थिति की गणना नहीं कराकर, मनमाने ढंग से अनुदान राशि का वितरण कर दिया. अनुदान वितरण के लिए शिक्षक प्रतिनिधि व गणना कमेटी के सदस्यों से हस्ताक्षर भी कराने की जरूरत नहीं समझा. शिक्षक प्रतिनिधि ने विश्वविद्यालय प्रशासन से वर्ष 2023-24 की उपस्थिति पंजी की जांच कराने की मांग की है.

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Author: DIGVIJAY SINGH

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