एसवी हॉस्पिटल के सीएमई में चिकित्सकों को 'गोल्डन ऑवर' उपचार का दिया गया प्रशिक्षण

एसवी हॉस्पिटल द्वारा आयोजित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम में चिकित्सकों को दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में जीवन रक्षक उपचार की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई. इसमें आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन और विशेष तकनीकों पर जोर दिया गया.

Darbhanga News: बेंता ईदगाह रोड स्थित एसवी हॉस्पिटल की ओर से रविवार को शिवाजीनगर स्थित राधा कृष्ण मंडल गोविंद गोस्वामी महाविद्यालय परिसर में सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में चिकित्सकों को दुर्घटना के बाद शुरुआती उपचार और आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई.

'गोल्डन ऑवर' में सही निर्णय पर दिया गया जोर

कार्यक्रम में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गौड़ी शंकर झा ने दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' के दौरान सही चिकित्सकीय निर्णय लेने के महत्व पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि इस अवधि में उचित उपचार मिलने से गंभीर मरीजों की जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है.

उन्होंने हाथ और जांघ में इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन लगाने की सही तकनीक और स्थान की जानकारी भी दी. साथ ही अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में घाव पर स्यूचर (टांके) लगाने की प्रक्रिया समझाई.

कई चिकित्सकों ने की सहभागिता

कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. सीताराम यादव, डॉ. दीपक कुमार, राजकुमार राकेश, महादेव प्रसाद यादव, उमेश झा, राम प्रसाद शर्मा और विवेकानंद शर्मा का विशेष योगदान रहा.

मौके पर प्रदीप कुमार सिंह, ललन कुमार, नरेश कुमार, मिथिलेश कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, योगेश कुमार, उपेंद्र कुमार, मनोज कुमार सहित कई चिकित्सकों ने भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया.

प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के समापन पर एसवी हॉस्पिटल की ओर से सभी प्रतिभागी चिकित्सकों को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया. आयोजन को सफल बनाने में प्रबंधन टीम के डॉ. मनीष कर्ण, दीपेश, संजय दास, जितेंद्र पंडित और आशुतोष अविनाश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.


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