नगर के लोगों की प्यास बुझा रहा सप्लाई का पानी, सूख गये अधिकांश सामान्य चापाकल

नगर में सामान्य से चार-पांच फीट भू-जलस्तर नीचे खिसक गया है.

राजकुमार रंजन, दरभंगा. नगर में सामान्य से चार-पांच फीट भू-जलस्तर नीचे खिसक गया है. इस कारण अधिकांश जगहों पर सामान्य चापाकल पानी देना या तो बंद कर दिया है या काफी ताकत लगाने पर थोड़ा-बहुत पानी दे रहा है. कई जगहाें पर तो इंडिया मार्का चापाकल भी जवाब दे गया है. जलस्तर नीचे चले जाने से बिजली चालित माेटर पानी को नीचे से खींचकर टंकी तक नहीं पहुंचा पा रहा है. ऐसे में नगर के आम लोगों को निर्भरता नल जल योजना से सप्लाई हो रहे पानी पर बन गयी है. लोग पीने समेत घरेलू काम के लिए सरकारी सप्लाइ के पानी का उपयोग कर रहे हैं. एक अनुमान के अनुसार अभी भी नगर के 90 फीसदी घरों में सबमर्सिबल की सुविधा नहीं है. इस सुविधा पर कम से कम एक लाख रुपये खर्च करने होते हैं. सामान्य परिवार इसका भार उठाने की स्थिति में नहीं है. जिन परिवारों में सबमर्सिबल है, वहां आसपास का सामान्य चापाकल गर्मी शुरू होते ही दम तोड़ देता है. साल 2019 में नगर का भूजलस्तर छह फीट गिर गया था. पिछले साल भी गर्मी में नगर का भूजलस्तर सामान्य से छह फीट नीचे उतर गया था. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी. तापमान बढ़ने बढ़ने से भू-जलस्तर और नीचे गिरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. ऐसे में इसका खामियाजा सामान्य जन को ही भुगतना पड़ेगा. पीएचइडी विभाग के टेक्निकल टीम के सहायक अभियंता नीरज कुमार का कहना है कि शहरी क्षेत्र में सामान्य दिनों में जमीन की सतह से भू-जल स्तर 24-25 फीट के आसपास रहता है. वर्तमान में 29-30 फीट नीचे भूजल चला गया है. यही कारण है कि सामान्य चापाकल हांफ रहा है. अलीनगर के भच्छी में 30.9 फीट, सुंदरपुर ब्रह्म स्थान 29.11, बेला ब्रह्मस्थान 29.9, बेला सहनी टोल 30.01, रुहेलागंज 29.11, लहेरियासराय टावर 30.00, खान चौक 30.3, लोहिया चौक 30.00 तथा सैदनगर मोहल्ला में वर्तमान में 29.9 फीट पर भूजल है. ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य दिनों में भूजल स्तर जमीन की सतह से 14-15 फीट के आसपास रहता है. वर्तमान में यह 17 फीट पर है. इस तरह से ग्रामीण इलाकों में दो से तीन फीट नीचे पानी चला गया है. बहादुरपुर में 17.6 फीट, बहेड़ी में 17.4, हनुमाननगर में 16.1, तारडीह में 15.6, सिंहवाड़ा में 15.9, केवटी में 16.1, सदर में 15.11, जाले में 15.4, कुशेश्वरस्थान में 11.9, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 12.1, गौड़ाबौराम में 11.4, घनश्यामपुर में 11.11, किरतपुर में 12.6, बिरौल में 15.11, हायाघाट में 15.6, अलीनगर में 10.11 तथा मनीगाछी में 16.11 फीट पर भूजल स्तर है. पानी की कमी झेल रहे नगर में 200 से अधिक वाहन वॉशिंग सेंटर खुले हुए हैं. इन जगहों पर प्रतिदिन हजारों लीटर पानी वाहनों की धुलाई पर खर्च किया जा रहा है. हैरानी की बात है कि विपरीत परिस्थिति के बावजूद न तो निगम प्रशासन और न ही जिला प्रशासन इसपर तात्कालिक रोक की बात कर रहा. कार्यपालक अभियंता पीएचइडी दिलीप कुमार चौधरी ने बताया कि पेयजल आपूर्ति को लेकर विभाग पूरी तरह तत्पर है. मरम्मत के लिए धाबा दल तैयार किया गया है. आमजन के लिए नियंत्रण कक्ष खोला गया है, जिसका दूरभाष नंबर 06272- 220256 है. किसी भी क्षेत्र से इस नंबर पर शिकायत की जा सकती है. 24 घंटे के अंदर धाबा दल पहुंचकर पेयजल संकट को दूर कर देगा.

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