Darbhanga News: राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तहत शनिवार को जिला प्रेक्षागृह में विज्ञान शिक्षकों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई. इस वर्ष कार्यशाला का मुख्य विषय 'निरंतरता के लिए विज्ञान और नवाचार' रखा गया. कार्यक्रम में जिले के विभिन्न माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 257 विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया.
विज्ञान आधारित नवाचार पर दिया गया जोर
कार्यशाला की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. विद्यानाथ झा ने की, जबकि राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. जिला समन्वयक राम बुझावन यादव 'रमाकर' ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की रूपरेखा एवं उद्देश्य की जानकारी दी.
टिकाऊ कृषि और पोषण सुरक्षा पर चर्चा
मुख्य अतिथि डॉ. मनोज कुमार ने भोजन, कृषि और स्वास्थ्य विषय पर व्याख्यान देते हुए टिकाऊ कृषि, स्थानीय खाद्य पदार्थों के संरक्षण तथा पोषण सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने वैज्ञानिक सोच को समाज और पर्यावरण से जोड़ने की आवश्यकता बताई.
जल संरक्षण, हरित ऊर्जा और अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेषज्ञों के सुझाव
डॉ. विद्यानाथ झा ने जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया. जितेंद्र कुमार ने ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों और हरित प्रौद्योगिकी के विकास पर अपने विचार रखे. वहीं ब्रजेश्वरम ने ई-कचरे सहित अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियों और पुनर्चक्रण के महत्व को रेखांकित किया.
कार्यक्रम में मनोज कुमार सिंह, कृष्णानंद मिश्र, कुमारी चंद्रप्रभा, रंजीत कुमार सिंह, डॉ. रमण कुमार राजेश, सौरभ कुमार, महबूब आलम सहित कई शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया.
