Darbhanga News: तालाब बचाओ अभियान की बैठक रविवार को सीतायन में अजित कुमार मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक में हराही, दिग्घी और गंगासागर तालाबों के संरक्षण, अतिक्रमण हटाने, जलाशयों के सीमांकन तथा जनभागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामले की आगामी सुनवाई और प्रशासनिक कार्रवाई की समीक्षा भी की गई.
28 जुलाई को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
तालाब बचाओ अभियान के अधिवक्ता कमलेश कुमार मिश्र ने बताया कि हराही, दिग्घी और गंगासागर तालाबों से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में निर्धारित है. उन्होंने कहा कि अभियान की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पर्यावरणविद संजय पारीख पक्ष रख सकते हैं.
उन्होंने मांग की कि तीनों तालाबों का सीमांकन सार्वजनिक किया जाए तथा स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यूजर्स एसोसिएशन का गठन किया जाए. कमलेश कुमार मिश्र ने बताया कि वर्ष 2010-11 में इसरो द्वारा तैयार देश के राष्ट्रीय वेटलैंड मानचित्र में इन तीनों जलाशयों को शामिल किया गया है.
दिग्घी और गंगासागर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का स्वागत
बैठक में दिग्घी और गंगासागर तालाब से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई कार्रवाई का स्वागत किया गया. अभियान के सदस्यों ने इसे महत्वपूर्ण पहल बताते हुए जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि अन्य जलाशयों को भी अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा.
जल संरक्षण और जनजागरूकता पर दिया गया जोर
बैठक में प्रो. विद्यानाथ झा, तसीम नवाब, डॉ. अमरजी कुमार और जितेंद्र कुमार मिश्र ने जल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया. डॉ. राम बाबू खेतान ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई, जबकि डॉ. संजय कुमार सहनी ने स्कूलों, कॉलेजों और मत्स्यजीवी समुदाय के बीच जल संरक्षण संबंधी कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा.
अन्य मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बैठक में मोईन पोखर पर अतिक्रमण, मिथिला में गहराते पेयजल संकट, भारत-नेपाल कमला मैत्री मंच के साझा कार्यक्रम, दरभंगा और मधुबनी के सार्वजनिक जलाशयों की भूमि पर पंचायत सरकार भवन के कथित निर्माण, एनजीटी में लंबित स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज से जुड़े मामले तथा तालाब बचाओ अभियान के संचालन के लिए चंदा संग्रह जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया.
बैठक में डॉ. विजय कुमार, संतोष कुमार यादव, दिलीप कुमार, अविनाश भास्कर, रौशन कुमार और नारायणजी चौधरी सहित अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार रखे.
