Kusheshwarsthan News: कुशेश्वरस्थान की निर्माणाधीन सत्तीघाट-राजघाट मुख्य सड़क पहली ही बारिश में बदहाल हो गई है. जगह-जगह बने गहरे गड्ढों, जलजमाव और कीचड़ के कारण इस मार्ग पर वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है. स्थानीय लोगों ने सड़क को जल्द मोटरेबल नहीं बनाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.
आधा दर्जन पंचायतों की लाइफलाइन बनी मुसीबत
यह सड़क हरौली, गोठानी, बरना, पकाही झझड़ा, चिगारी सिमराहा और बड़गांव समेत आधा दर्जन पंचायतों के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है. इसी रास्ते से लोग समस्तीपुर जिले के बिथान, हसनपुर, रोसड़ा और समस्तीपुर तक कम समय में पहुंचते हैं. सड़क की बदहाली से हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है.
गड्ढों और जलजमाव से बढ़ा हादसों का खतरा
ग्रामीणों के अनुसार हरौली ठाकुरबाड़ी से हरौली पावरग्रिड, सोहरबाघाट बाजार से पंचवटी चौक तथा समैला चौक तक सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं. कई स्थानों पर घुटने भर पानी और कीचड़ जमा है. फिसलन के कारण बाइक, टेंपो और अन्य वाहन आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं. भारी वाहन फंसने से घंटों जाम की स्थिति भी बन रही है.
विभाग पर उदासीनता का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग प्रखंड और जिला मुख्यालय तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है तथा रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बड़ी संख्या में लोग इसी सड़क से सोहरबाघाट बाजार आते-जाते हैं. इसके बावजूद सड़क की मरम्मत को लेकर विभाग गंभीर नहीं दिख रहा है.
मुखिया राजीव कुमार झा, मुखिया प्रतिनिधि मो. मुजीब, पूर्व मुखिया बादल सिंह, उप प्रमुख संतोष कुमार यादव, पंचायत समिति सदस्य सुजीत कुमार राय और विनोद कुमार ने बताया कि पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल बेनीपुर के कार्यपालक अभियंता से कई बार सड़क को तत्काल मोटरेबल बनाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
आंदोलन की तैयारी में ग्रामीण
ग्रामीणों और व्यवसायियों का कहना है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे. स्थानीय लोगों का गोलबंद होना शुरू हो गया है और आने वाले दिनों में आंदोलन तेज होने की संभावना जताई जा रही है.
