Sanitation Workers Strike: शहर में लगातार पांच दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए सोमवार को नगर निगम सभागार में आपातकालीन बोर्ड बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता महापौर अंजुम आरा ने की.
बैठक में पार्षदों ने सफाई कर्मियों की मांगों के प्रति सहानुभूति जताई, लेकिन सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप होने पर नाराजगी भी व्यक्त की.
पांच दिन का वेतन काटने का निर्देश
नगर आयुक्त राकेश गुप्ता ने कहा कि हड़ताल पर गए कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगा दी गई है. उन्होंने हड़ताल अवधि के पांच दिनों का वेतन काटने का निर्देश जारी किया.
उन्होंने चेतावनी दी कि जो स्थायी कर्मचारी तत्काल काम पर नहीं लौटेंगे, उनकी सर्विस बुक में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज की जाएगी.
आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए अलग व्यवस्था
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी हड़ताल पर नहीं हैं. जो कर्मचारी काम करना चाहते हैं, उनकी उपस्थिति संबंधित वार्ड पार्षद के यहां दर्ज होगी और उन्हें काम करने से नहीं रोका जाएगा.
पार्षदों ने उठाए शहर की सफाई से जुड़े मुद्दे
बैठक में पार्षद नफीसुल हक़ रिंकू ने कहा कि कई वार्डों में मृत मवेशी पड़े हैं, जिन्हें हटाने वाला कोई नहीं है. इससे संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है.
पार्षद विश्वपति मिश्र ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था बहाल करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और सभी को मिलकर समाधान निकालना चाहिए.
पार्षद नवीन सिन्हा ने कहा कि दो दशक से सेवा दे रहे कर्मचारियों को अकुशल मानना उचित नहीं है और इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए.
महापौर ने समाधान की अपील की
महापौर अंजुम आरा ने नगर निगम और जिला प्रशासन से सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का सम्मानजनक और शीघ्र समाधान निकालने की अपील की. उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था जल्द सामान्य होना जरूरी है.
