ठगी को लेकर साइबर अपराधी अपना रहे नित्य नये हथकंडे

जैसे-जैसे इंटरनेट की दुनिया बढ़ रही है, साइबर ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं.

दरभंगा. जैसे-जैसे इंटरनेट की दुनिया बढ़ रही है, साइबर ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं. स्थिति ऐसी है कि पुलिस के पास साइबर ठगी को रोकने के जितने तरीके हैं, उनसे कई गुणा ज्यादा इन ठगों के पास पैतरे हैं. जिले में लगभग प्रत्येक दिन साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं. एटीएम कार्ड बदलकर रुपये निकाल लेने से लेकर पुलिस अधिकारी बनकर झांसे में लेने तक के दर्जनों तरीके शातिरों द्वारा अपनाये जा रहे हैं. साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता के कारण अधिकांश लोग अपराधियों के झांसे में आने से बच जाते हैं, लेकिन कुछ फंस जाते हैं. ताजा मामला यातायात नियम उल्लंघन करने पर चालान भेजने का है. साइबर अपराधी लोगों के वाट्सएप पर एक चालान भेजता है. यह यातायात नियम के उल्लंघन का चालान होता है. चालान पर इंडियन ट्रैफिक चालान अंकित रहता है. इसके साथ एक एप रहता है, जिसे खोलने के लिए कहा जाता है. बताया जाता है कि एप को खोलते ही खाते से रूपये निकल जाते हैं. इसी तरह का एक चालान अल हेलाल अस्पताल के मैनेजर जमील अहमद के वाट्सएप पर आया. चालान को देखकर पहले तो वे परेशान हो गये कि बाइक का चालान कट गया है. हालांकि वे बाइक से तब कहीं गये नहीं थे. उन्होंने इसकी जानकारी एक मीडियाकर्मी को दी. मीडियाकर्मी ने यातायात पुलिस उपाधीक्षक से इस पर बात की. यातायात पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि यह चालान जिला पुलिस की ओर से नहीं काटा गया है. यह साइबर अपराधियों की चाल हो सकती है. सही जानकारी मिलने पर जमील अहमद ने राहत की सांस ली. यातायात पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि सर्तकता बरतकर ही साइबर अपराधियों से बचा जा सकता है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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