दरभंगा रघौली गंज जन्माष्टमी: शहर के रघौली गंज में श्री श्री 108 श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. करीब दो दशक से चली आ रही यह परंपरा अब इलाके की पहचान बन चुकी है. हर साल नई आयोजन समिति महोत्सव की जिम्मेदारी संभालती है. इस बार भी नई कमेटी के नेतृत्व में आयोजन को भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है.
जन्माष्टमी को लेकर बनने लगा भक्तिमय माहौल
रघौली गंज में जन्माष्टमी को लेकर अभी से उत्साह दिखाई देने लगा है. पूजा स्थल को आकर्षक रूप देने की तैयारी की जा रही है. आयोजन समिति भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को यादगार बनाने के लिए कई स्तर पर तैयारियां कर रही है.
जन्माष्टमी की रात श्रीकृष्ण के जन्म के साथ पूरे पूजा स्थल को भक्तिमय बनाने की तैयारी है. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए भीड़ और आयोजन को व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
हर साल बदलती है आयोजन समिति
रघौली गंज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन करीब 20 वर्षों से लगातार किया जा रहा है. इसकी खास बात यह है कि हर वर्ष नई आयोजन समिति का गठन कर महोत्सव की जिम्मेदारी युवाओं को दी जाती है.
इस बार भी नई कमेटी के सदस्य आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं. युवाओं की सक्रिय भागीदारी से पूजा स्थल की सजावट से लेकर अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है.
युवाओं की टीम संभाल रही जिम्मेदारी
महोत्सव की तैयारियों में प्रशांत कुमार, शशि कुमार, आदर्श कुमार, मनीष कुमार मुखिया, राहुल कुमार मुखिया, अमन कुमार, शिवशंकर बैठा, अजय कुमार, सुनील कुमार राय, चंदन राय, ईशू ठाकुर, रविन्द्र राय, दीपक राय, अवध राय, बिट्टू मुखिया, छोटू मंडल, नागेन्द्र राय, पप्पू राय, गणेश मुखिया, होरिल मुखिया, रामललित मुखिया और शिवम कुमार मंडल सहित अन्य युवा सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
आयोजन समिति के सदस्यों के अनुसार युवाओं की टीम महोत्सव को बेहतर तरीके से आयोजित करने के लिए लगातार काम कर रही है.
भक्ति के साथ भाईचारे का संदेश
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि करीब दो दशक से आयोजित हो रहे इस धार्मिक महोत्सव का उद्देश्य केवल भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करना नहीं है. इसके जरिए श्रद्धालुओं को कृष्ण भक्ति से जोड़ने और समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश भी दिया जाता है.
समिति के अनुसार इस बार महोत्सव को पहले से अधिक आकर्षक और यादगार बनाने की तैयारी है. जन्माष्टमी की रात श्रद्धालुओं के लिए पूरा माहौल कृष्णमय बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
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