शहर के दो दर्जन प्राथमिक विद्यालयों से हटाए जाएंगे दर्जनों शिक्षक, इन स्कूलों में छात्र अनुपात में शिक्षकों की संख्या अधिक

दरभंगा के 26 प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुपात में अधिक शिक्षक होने के कारण दर्जनों शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा सकता है. पोर्टल पर तकनीकी खराबी के कारण आवेदन प्रक्रिया में शिक्षकों को परेशानी हो रही है.

Darbhanga News: जिले के विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर सरप्लस शिक्षकों की पहचान कर स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. संबंधित शिक्षकों के मोबाइल पर स्थानांतरण संबंधी संदेश भेजे गए हैं और उनसे ऑनलाइन आवेदन मांगे जा रहे हैं. हालांकि पोर्टल में तकनीकी समस्या और सर्वर की धीमी गति के कारण शिक्षकों को आवेदन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

पोर्टल पर रिक्त विद्यालयों के 30 विकल्प भरने होंगे

शिक्षकों के अनुसार, जिनका पोर्टल खुल रहा है, उन्हें रिक्त पद वाले विद्यालयों की सूची दिखाई दे रही है. इसके आधार पर 30 विद्यालयों का विकल्प भरना है. जिला प्राथमिक शिक्षक संघ (गोप गुट) के जिला सचिव शाहनवाज आलम ने आरोप लगाया कि विभागीय नियमावली के अनुरूप कुछ मामलों में विकल्प नहीं दिए जा रहे हैं. उन्होंने विभाग से पोर्टल में आवश्यक सुधार की मांग की है.

शहर के 26 स्कूलों से कई शिक्षकों के स्थानांतरण की संभावना

दरभंगा शहर में कुल 98 विद्यालय हैं, जिनमें 52 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं. इनमें से 26 विद्यालय नगर निगम क्षेत्र में हैं. बताया जा रहा है कि कई प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या 60 से कम है, जबकि वहां अपेक्षाकृत अधिक शिक्षक कार्यरत हैं. विभागीय मानकों के अनुसार ऐसे विद्यालयों में प्रधानाध्यापक सहित अधिकतम दो शिक्षक ही आवश्यक हैं. ऐसे में इन विद्यालयों से बड़ी संख्या में शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा सकता है.

इसी तरह सदर, बहादुरपुर और केवटी प्रखंडों के कई विद्यालयों में भी सरप्लस शिक्षकों की पहचान की गई है. हालांकि इन क्षेत्रों के निकटवर्ती विद्यालयों में रिक्त पद सीमित होने के कारण स्थानांतरण को लेकर शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

सर्वर की समस्या से आवेदन में हो रही देरी

विभाग ने सरप्लस शिक्षकों से आवेदन लेना शुरू कर दिया है, लेकिन शिक्षकों का कहना है कि पिछले दो दिनों में सर्वर सीमित समय के लिए ही काम कर सका है. इसके कारण पोर्टल सुचारु रूप से नहीं चल पा रहा है और आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.

हालांकि इस बार पहली बार शिक्षकों को रिक्त पद वाले विद्यालयों का विकल्प चुनने की सुविधा दी गई है, लेकिन कई शिक्षकों का कहना है कि शहर और आसपास के प्रखंडों के विद्यालय विकल्पों में पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं.


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By Minu gupta

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