टीसी वितरण व नामांकन कराने के आश्वासन के बावजूद नहीं माने ग्रामीण, बेमियादी धरना जारी

मवि भटपुरा में तालाबंदी व धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा.

मनीगाछी. मवि भटपुरा में तालाबंदी व धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा. हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों व बीडीओ अनुपम कुमार द्वारा आंदाेलनकारियों से वार्ता की गयी. इस दौरान ग्रामीण एचएम देवकांत पासवान के विरुद्ध कारवाई की मांग करते रहे. ग्रामीण समेत स्कूल के छात्र लव कुमार यादव, विवेक कुमार, राधा कुमारी, कुमारी सल्जा, नंदिनी कुमारी, मनीषा कुमारी, अंशु कुमारी, सुमन कुमारी आदि ने बीडीओ को बताया कि एचएम की लापरवाही व गलत आचरण के कारण परीक्षा पास करने के पांच माह बीत जाने के बावजूद बच्चों को टीसी नहीं दिया जा रहा है, जबकि प्रति छात्र सात सौ रुपए भी दिये गये. एचएम और अधिक पैसे की मांग करते हैं. पैसे के कारण वे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. आठवीं पास बच्चे उनकी गैर जिम्मेदाराना हरकत के कारण अभीतक उच्च कक्षा में नामांकन तक नहीं करा सके हैं. प्रतिदिन बच्चे व उनके अभिभावक टीसी के लिए एचएम से अनुनय-विनय करते रहे, लेकिन वे अपनी डिमांड पर अड़े रहे. विवश होकर अभिभावक ग्रामीणों व एमएसयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा विभिन्न मांगों के समर्थन में विद्यालय में तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन सोमवार से शुरू कर दिया गया. वहीं बीडीओ ने दो बजे दोपहर तक स्कूल स्थानांतरण प्रमाण पत्र का वितरण करने व हाइ स्कूल में नामांकन के लिए हो रही दिक्कतों का समाधान करने का आश्वासन दिया. बीडीओ ने बताया कि सभी बच्चों को टीसी दिलाया जा रहा है. जिन बच्चों का टीसी के कारण नामांकन नहीं हो पाया है, उनका एडमिशन स्थानीय हाइ स्कूल में कराया जा रहा है. वहीं एचएम पर लगे आरोपों की जांच के लिए जांच टीम गठित की गयी है. टीम में शामिल अधिकारियों को रिपोर्ट सात दिन के भीतर देना है. रिपोर्ट के आधार पर एचएम के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. इधर एमएसयू के आदित्य मंडल ने वार्ता को असफल करार देते हुए कहा कि जबतक बच्चों के भविष्य को लेकर सकारात्मक पहल नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा. मालूम हो कि इतनी गर्मी में एक भी वर्ग कक्ष में पंखा नहीं है. विद्यालय में विद्युतीकरण भी सही ढंग से नहीं किया गया है. विद्यालय में 450 से 500 बच्चे हैं, लेकिन इस अनुपात में वर्ग कक्ष नहीं है. भवन तथा कमरे क्षतिग्रस्त हैं. आए दिन छत का प्लास्टर गिरता रहता है. मात्र तीन कमरों में वर्ग एक से आठवीं तक के बच्चों की पढ़ाई होती है. विद्यालय में एक चापाकल है, जिसका पानी पीने लायक नहीं है. बच्चे चौक स्थित चापाकल पर पानी पीने के लिए जाते हैं. इससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. सातवीं तक के बच्चे फर्श पर बैठकर पढ़ाई करते हैं. बच्चों को बैठने के लिए घर से प्लास्टिक लेकर आना पड़ता है. अनिश्चितकालीन हड़ताल में रामदेव राय, फुचाई मुखिया, मोहन कामति, मन्नू मिश्र, ललित शर्मा, साकेत कुमार, अरविंद मंडल, कन्हैया मिश्र, शिंगेश्वर यादव, शिव प्रशाद राय, शंभुकांत मिश्र, राजेश मंडल, संजय मंडल, पंकज कामति, शंकर मंडल, दयानंद यादव समेत ग्रामीण डटे थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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