मिथिला की बेटी अनुराधा शंकर राष्ट्रीय न्यायिक सुधार समिति की बनीं सदस्य

मिथिला की बेटी और पूर्व IPS अधिकारी अनुराधा शंकर ने देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार के लिए महत्वपूर्ण अनुशंसाएं की हैं. स्विट्जरलैंड में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, उनकी उपलब्धियां युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं.

Darbhanga News: अपनी प्रशासनिक दक्षता और विधिक समझ के लिए चर्चित मिथिला की बेटी तथा मध्य प्रदेश कैडर की 1990 बैच की सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराधा शंकर ने एक बार फिर देश और मिथिला का गौरव बढ़ाया है. हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा गठित पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति में सदस्य के रूप में उन्होंने देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार के लिए महत्वपूर्ण अनुशंसाएं तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है.

आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार की दिशा में अहम योगदान

समिति की सिफारिशों को देश की न्याय व्यवस्था में बड़े सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. पुलिस सेवा में लंबे समय तक उत्कृष्ट योगदान देने वाली अनुराधा शंकर सेवानिवृत्ति के बाद भी राष्ट्रीय स्तर पर नीति-निर्माण और न्यायिक सुधार से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं.

स्विट्जरलैंड में कर रहीं भारत का प्रतिनिधित्व

वर्तमान में अनुराधा शंकर स्विट्जरलैंड में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग ले रही हैं. इस सम्मेलन में वे शांति, न्याय और सुशासन जैसे वैश्विक विषयों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं.

युवाओं और बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा

अनुराधा शंकर ने अपनी कर्मनिष्ठा, प्रशासनिक अनुभव और ज्ञान के बल पर न केवल एक सफल आईपीएस अधिकारी के रूप में पहचान बनाई, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. उनकी उपलब्धियां मिथिलांचल ही नहीं, बल्कि देशभर की युवतियों और प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं.


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