Susta Border Dispute: पश्चिम चंपारण जिले में भारत-नेपाल सीमा से सटे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पास सुस्ता क्षेत्र को लेकर चल रहे सीमा विवाद के समाधान के लिए बिहार सरकार ने केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इस क्षेत्र में तत्काल सीमा स्तंभ स्थापित करने और औपचारिक सीमांकन की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया है.
गंडक नदी की धारा बदलने से बढ़ा सीमा विवाद
मंत्री ने बताया कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बगल से बहने वाली गंडक नदी की बीच वाली धारा भारत और नेपाल के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा निर्धारित करती है. गंडक बैराज के दक्षिण में सुस्ता क्षेत्र स्थित है.
गंडक नदी के मार्ग में बदलाव के कारण करीब 300 से 350 हेक्टेयर क्षेत्र विवादित हो गया है. इसी वजह से भारत और नेपाल के बीच स्थानीय स्तर पर संप्रभुता और सीमांकन को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है.
पांच से छह किलोमीटर क्षेत्र में नहीं है सीमा स्तंभ
डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने बताया कि करीब पांच से छह किलोमीटर लंबे इस क्षेत्र में कहीं भी सीमा स्तंभ मौजूद नहीं है. इसके कारण सीमा की स्थिति स्पष्ट करने में परेशानी हो रही है.
उन्होंने कहा कि भारत के सर्वेक्षण विभाग ने भी इस हिस्से में औपचारिक सीमा निर्धारण किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है. ऐसे में विवाद को आगे बढ़ने से रोकने के लिए जल्द सीमा स्तंभ स्थापित करना जरूरी है.
अमित शाह से औपचारिक सीमांकन पूरा कराने का अनुरोध
पर्यावरण मंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया कि सुस्ता क्षेत्र में जल्द सीमा स्तंभ लगाए जाएं और भारत-नेपाल के बीच औपचारिक सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की जाए.
उन्होंने कहा कि स्पष्ट सीमांकन होने से क्षेत्र में सीमा को लेकर उत्पन्न विवाद को रोकने में मदद मिलेगी और दोनों देशों के बीच स्थानीय स्तर पर स्थिति को लेकर किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश कम होगी.
