दरभंगा: प्रदेश पोषाहार पर्यवेक्षिका डॉ. प्रगति ने अपनी टीम के साथ एकता फाउंडेशन के सेंट्रल किचन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान रसोई की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी संसाधनों की बारीकी से जांच की गई. अधिकारियों ने किचन की व्यवस्था पर संतोष जताया और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए.
स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान कच्चे माल के भंडारण, रैक और प्लेटफॉर्म की व्यवस्था, खाद्यान्न एवं सब्जियों की धुलाई, स्टीम कुकर, एयर ब्लोअर, हाई प्रेशर बर्नर, फूड चिमनी, फूड प्रोसेसर, आलू छीलने की मशीन, वेट ग्राइंडर, ट्रॉली, डिश वॉशिंग यूनिट, ग्रीज ट्रैप, जल शोधन प्रणाली, अग्नि सुरक्षा, कचरा निपटान, पर्याप्त प्रकाश, वेंटिलेशन और अपशिष्ट जल निकासी समेत सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से जांच की गई.
गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की हिदायत
डॉ. प्रगति ने किचन प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया कि भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है.
स्कूलों में मिड डे मील का भी किया निरीक्षण
सेंट्रल किचन के निरीक्षण के बाद टीम ने नगर के मध्य विद्यालय अलिफगंज और सदर प्रखंड के मध्य विद्यालय खरथुआ में संचालित मिड डे मील योजना का भी निरीक्षण किया. अधिकारियों ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया और उसकी गुणवत्ता का आकलन किया.
भोजन की गुणवत्ता पर जताया संतोष
निरीक्षण के दौरान टीम ने मिड डे मील की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया. इस अवसर पर जिला मिड डे मील अकाउंटेंट दीपक कुमार, को-ऑर्डिनेटर अमरेंद्र लाल दास, साधनसेवी राहुल आनंद तथा सेंट्रल किचन प्रभारी सुमन सौरव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
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