एलएनएमयू में एडमिशन की रफ्तार धीमी, दूसरी सूची के बाद भी 2.15 लाख सीटें रहीं खाली

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में स्नातक प्रथम सेमेस्टर 2026-30 के लिए नामांकन प्रक्रिया के बाद भी 2.15 लाख से अधिक सीटें खाली रह गई हैं. जो छात्र आवेदन से वंचित रह गए थे, उन्हें जल्द ही दोबारा आवेदन का अवसर मिल सकता है.

LNMU Admission 2026: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) के 43 अंगीभूत, 39 संबद्ध और 30 प्रखंड डिग्री कॉलेजों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026-30) की दूसरी चयन सूची से नामांकन प्रक्रिया 24 जुलाई की रात समाप्त हो गई. दूसरी सूची में करीब 23 हजार छात्रों को कॉलेज आवंटित किए गए थे, हालांकि अंतिम नामांकन का अपडेट विश्वविद्यालय को अभी प्राप्त नहीं हुआ है. कॉलेजों को 25 जुलाई तक नामांकन का डाटा डैशबोर्ड पर अपडेट करने का निर्देश दिया गया था.

दूसरी सूची के बाद भी 2.15 लाख से अधिक सीटें खाली

पहली चयन सूची में 1,19,503 छात्रों को कॉलेज आवंटित किए गए थे, जिनमें से 94,504 छात्रों ने नामांकन कराया था. यानी पहली सूची में नामांकन का प्रतिशत करीब 79 रहा. इसी औसत के आधार पर दूसरी सूची में आवंटित 23 हजार छात्रों में से लगभग 18,170 छात्रों के नामांकन का अनुमान लगाया जा रहा है.

इसके अनुसार दोनों सूचियों को मिलाकर करीब 1,12,674 छात्रों ने नामांकन लिया है, जबकि विश्वविद्यालय में कुल 3,27,839 सीटें उपलब्ध हैं. ऐसे में अब भी लगभग 2.15 लाख सीटें रिक्त हैं.

दोबारा आवेदन का मिलेगा मौका

राजभवन के निर्देश पर विश्वविद्यालय उन छात्रों को फिर से आवेदन का अवसर देने की तैयारी कर रहा है, जो आवेदन नहीं कर सके या आवेदन में त्रुटि के कारण नामांकन से वंचित रह गए. हालांकि नई आवेदन तिथि अभी घोषित नहीं की गई है. समर्थ पोर्टल से विषयवार और कॉलेजवार रिक्त सीटों का विवरण मिलने के बाद नई प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है.

आवेदन से नामांकन तक का पूरा आंकड़ा

  • कुल उपलब्ध सीटें : 3,27,839
  • प्रथम चरण में प्राप्त आवेदन : 1,55,732
  • अब तक कॉलेज आवंटित : 1,42,503
  • अभी कॉलेज आवंटन शेष : 13,229
  • अनुमानित कुल नामांकन : 1,12,674
  • रिक्त सीटें : करीब 2.15 लाख

पोर्टल की त्रुटियों से हजारों छात्र हुए प्रभावित

जानकारी के अनुसार करीब 30 हजार छात्र कॉलेज आवंटित होने के बावजूद नामांकन नहीं ले सके. इसकी मुख्य वजह आवेदन पत्र में हुई त्रुटियां रहीं. आरक्षण श्रेणी, मेजर विषय के चयन और अन्य तकनीकी गलतियों के कारण बड़ी संख्या में छात्र प्रवेश से वंचित रह गए.

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय का दावा है कि समर्थ पोर्टल पर सुधार करने का अधिकार उसके पास नहीं है. ऐसे में तकनीकी त्रुटियों का समाधान पोर्टल स्तर पर ही संभव है.

यह भी पढ़ें: श्रावण मास शुरू होने से पहले पूजन सामग्री के दाम बढ़े, व्यापारियों ने बताई वजह


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pravin kumar chou

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >