ISRO Scientist Imtiyaz Ahmad: जाले प्रखंड के रेवढ़ा गांव निवासी वैज्ञानिक इम्तियाज अहमद ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाकर दरभंगा और मिथिला का नाम रोशन किया है. चार सितंबर को EOS-05 मिशन के सफल प्रक्षेपण के साथ उनके अंतरिक्ष अनुसंधान करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गयी. इस मिशन में उन्होंने परियोजना निदेशक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली.
वैज्ञानिक इम्तियाज अहमद के पिता सेवानिवृत्त सैनिक मो. कमर आलम हैं. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रेवढ़ा के मध्य विद्यालय से प्राप्त की. इसके बाद दरभंगा जिला स्कूल से मैट्रिक और पटना साइंस कॉलेज से आईएससी की पढ़ाई पूरी की. उन्होंने बीआईटी सिंदरी से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियंत्रण में डिग्री हासिल की.
1998 में ISRO से शुरू किया करियर
इम्तियाज अहमद ने वर्ष 1998 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद वह अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा रहे. इससे पहले वह इनसैट-3 डीएस मिशन में उपग्रह एवं परियोजना निदेशक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं.
उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, वह जीसैट-20 और जीसैट-2 जैसे महत्वपूर्ण अंतरिक्ष कार्यक्रमों से भी परियोजना निदेशक के रूप में जुड़े रहे हैं. EOS-05 मिशन में परियोजना निदेशक की जिम्मेदारी संभालना उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय माना जा रहा है.
रेवढ़ा से अंतरिक्ष अनुसंधान तक का सफर
रेवढ़ा गांव से शुरू हुआ इम्तियाज अहमद का सफर अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार नयी ऊंचाइयों को छू रहा है. ISRO जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र और मिथिला को गौरवान्वित किया है. EOS-05 मिशन से जुड़ी उनकी उपलब्धि की जानकारी सामने आने के बाद रेवढ़ा समेत पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है.
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