Darbhanga News: कुशेश्वरस्थान पूर्वी. नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में पिछले दिनों हुई भारी बारिश की वजह से प्रखंड से होकर गुजरने वाली कमला बलान नदी के जलस्तर में काफी वृद्धि हो गयी है. इससे इटहर पंचायत के चौकिया, लक्ष्मीनिया, बल्थरबा, गोबराही सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों का सीधा सड़क संपर्क भंग हो गया है. लोगों को अब गांव से बाहर निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. इन गांव के लोगों को नाव से नदी पार कर प्रखंड कार्यालय व बाजार आना पड़ता है. अचानक नदी में पानी आ जाने से फिलहाल सरकारी नाव का परिचालन शुरू नहीं हुआ है. लोगों को भाड़े के नाव से नदी पार करना पड़ रहा है. इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है. ग्रामीणों ने अंचल प्रशासन से सभी गांव में सरकारी नाव चलाने की मांग की है. उल्लेखनीय है कि कमला बलान व कोसी नदी सहित नदियों की दर्जनों उपधारा से यह इलाका घिरा हुआ है. किसी भी नदी में पानी आने पर इस इलाके में बाढ़ की समस्या खड़ी हो जाती है. आमतौर पर बरसात के दिनों में निदियों के उफनाने पर बाढ़ आती है. इसके लिए क्षेत्रवासी पहले से तैयार रहते हैं. फिलहाल बेमौसम आये पानी ने परेशानी अधिक बढ़ा दी है. बता दें कि दर्जनों गांव ऐसे हैं, जो नदियों के पेट में बसे हैं. कुछ गांव तो ऐसे भी हैं, जहां एक टोला से दूसरे टोला जाने में बाढ़ के समय नाव का सहारा लेना पड़ता है. हालांकि जल संसाधन विभाग से हुए कार्य की वजह से बाढ़ से अभिशप्त इस इलाके की तस्वीर बदलने लगी है, लेकिन कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां आज भी समस्या है. इस संबंध में सीओ गोपाल पासवान ने बताया कि नदी के जलस्तर में कमी होने की सूचना मिली है. राजस्व कर्मचारी को नदी के जलस्तर की स्थिति का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है. आवश्यकता होने पर नाव का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
