Darbhanga News: अपनी जरूरतों के लिए मानव कर रहा जीव-जंतु एवं पेड़-पौधों का शोषण

Darbhanga News:लनामिवि के एनएसएस कोषांग तथा वीगन आउटरीच की ओर से "फूड-प्लानेट-हेल्थ " विषय पर वेबिनार आयाेजित किया गया.

Darbhanga News:दरभंगा. लनामिवि के एनएसएस कोषांग तथा वीगन आउटरीच की ओर से “फूड-प्लानेट-हेल्थ ” विषय पर वेबिनार आयाेजित किया गया. मुख्य वक्ता सह वीगन के अभिषेक दुबे ने कहा कि हमारे खान-पान का प्रभाव जीव-जन्तु, पर्यावरण सहित पूरी धरती पर पड़ता है. 08 अरब से अधिक मानव अपनी जरूरत के लिए जीव-जन्तुओं एवं पेड़- पौधों का शोषण कर रहा है. अपनी जरूरत के लिए मानव प्रतिवर्ष 70 अरब जीव-जंतुओं को कृत्रिम रूप से उत्पन्न कर रहा है, जिनके लिए अधिक भोजन, पानी, जमीन आदि की जरूरत होती है. धरती पर बढ़ते दबाव के कारण वन, बगीचे, जल स्रोत आदि प्राकृतिक क्षेत्र नष्ट होते जा रहे. कई दुर्लभ जीव-जन्तु विलुप्त हो रहे हैं. कहा कि पशु, पक्षियों एवं मछलियों के शरीर में प्लास्टिक एवं अन्य हानिकारक तत्त्व मिल रहे हैं, जिनके सेवन से मानव भी रोगग्रस्त हो रहा है.

मिट्टी एवं पानी को दूषित कर रहा उर्वरक

अध्यक्षता करते हुए डॉ आरएन चौरसिया ने कहा कि दूध, मांस, अंडा आदि भोजन की बढ़ती मांगों ने पशुपालन को पूर्णतः व्यावसायिक एवं स्वार्थपूर्ण बना दिया है. इससे पशुओं को सीमित स्थान पर रखने, रासायनिक भोजन खिलाने तथा हार्मोन एवं दवा का प्रयोग बढ़ता जा रहा है. यह जानवरों के साथ-साथ मानवों के स्वास्थ्य के लिए भी काफी हानिकारक है. खेती में प्रयुक्त रासायनिक खाद, मिट्टी एवं पानी को दूषित कर रहा है. जैविक खेती से पौधों एवं मिट्टी का स्वास्थ्य सुधर सकता है. जैविक खेती, स्थानीय उत्पादन, रासायनिक खाद एवं उर्वरक मुक्त कृषि और पर्यावरण हितैषी भोजन की ओर बढ़ना समय की मांग है. डॉ लक्ष्मण यादव के संचालन में आयोजित वेबिनार में अतिथियों का स्वागत डॉ विभा कुमारी तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनीता कुमारी ने किया.

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By PRABHAT KUMAR

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