Darbhanga News: दिल्ली मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में नवजात शिशु को जीवित रहते मृत घोषित करने के आरोप का मामला अब जांच के दायरे में आ गया है. सदर थाना ने मामले को गंभीर मानते हुए सिविल सर्जन को पत्र भेजकर स्वास्थ्य विभाग से पूरे प्रकरण की जांच कराने का अनुरोध किया है.
पीड़ित पिता ने लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप
नवजात के पिता चंदन कुमार ने सदर थाना में दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि अस्पताल के चिकित्सकों ने उनके जीवित बच्चे को मृत घोषित कर परिजनों से घर ले जाने की बात कही. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बच्चे को जीवित अवस्था में दूसरे अस्पताल रेफर किया गया था, तो रेफरल से संबंधित कोई दस्तावेज उन्हें क्यों नहीं दिया गया. उनके अनुसार यह अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का मामला है.
परिजनों के संदेह पर दोबारा जांच में जीवित मिला नवजात
आवेदन के अनुसार, जिस समय अस्पताल की ओर से बच्चे को रेफर किए जाने की बात कही जा रही थी, उस समय नवजात बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के बेड पर पड़ा था. घर ले जाने के दौरान परिजनों को संदेह हुआ, जिसके बाद बच्चे की दोबारा जांच कराई गई. जांच में उसके जीवित होने की बात सामने आने पर उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है.
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
पीड़ित पिता ने कहा है कि पूरे मामले की सच्चाई अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से सामने आ सकती है. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
स्वास्थ्य विभाग की जांच पर टिकी निगाहें
सदर थाना द्वारा सिविल सर्जन को पत्र भेजे जाने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं. पीड़ित परिवार ने दोषी चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए.
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