बहादुरपुर. बकरी पालन न केवल कम लागत का व्यवसाय है, बल्कि यह किसानों के लिए एटीएम सरीखा है. यह बात जिला कृषि पदाधिकारी डॉ सिद्धार्थ ने शुक्रवार को संयुक्त कृषि भवन परिसर में आयोजित पांच दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कही. उन्होंने कहा कि इसे जरूरत पड़ने पर कभी भी नकद में बदला जा सकता है. वहीं पशु चिकित्सक डॉ साकेत ने पशुओं के टीकाकरण व आवास प्रबंधन की बारीकियों को समझाया. क्षेत्र की जलवायु के अनुसार सर्वाधिक लाभकारी नस्ल ब्लैक बंगाल व सिरोही के बावत जानकारी दी. स्थानीय स्तर पर उपलब्ध चारे से संतुलित आहार तैयार करने की बात कही, ताकि लागत कम हो. कहा कि प्रशिक्षण के बाद किसान वैज्ञानिक तरीके से कम समय में बेहतर वजन और दुग्ध उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे. समय पर प्राथमिक उपचार और टीकाकरण सीखकर पशु मृत्यु दर को न्यूनतम किया जा सकेगा. इससे पूर्व जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक आत्मा डॉ सिद्धार्थ व पशु चिकित्सक डॉ साकेत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. मौके पर लेखापाल सुमन कुमार, संजीव कुमार, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक सहित दर्जनों किसान मौजूद थे.
बकरी पालन एटीएम सरीखा व्यवसाय, जब चाहें नकद में बदल लें: डॉ सिद्धार्थ
बकरी पालन न केवल कम लागत का व्यवसाय है, बल्कि यह किसानों के लिए एटीएम सरीखा है.
