दरभंगा: सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के कुंवरपट्टी में जन्माष्टमी के अवसर पर बिना लाइसेंस और लिखित अनुमति के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के मामले में पुलिस ने पूजा कमेटी के नौ सदस्यों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम में निर्धारित समय के बाद भी तेज आवाज में लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा रहा था.
इसी कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद में चाकूबाजी की घटना भी हुई थी, जिसमें 19 वर्षीय कमलेश राम की मौत हो गयी थी. इस मामले में पुलिस आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है, जबकि छह नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.
रात 12 बजे के बाद भी चल रहा था कार्यक्रम
पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सिमरी थाना के सहायक अवर निरीक्षक शशिकांत कुमार सिंह पांच सितंबर की रात गश्ती पर थे. रात करीब 12.10 बजे कुंवरपट्टी में तेज आवाज में बाजा बजने की सूचना मिली. इसके बाद वे पुलिस बल के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे.
वहां कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सार्वजनिक स्थान पर सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था और काफी संख्या में लोग मौजूद थे. पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजकों से लाइसेंस अथवा सक्षम पदाधिकारी से प्राप्त लिखित अनुमति के संबंध में जानकारी मांगी. आयोजक अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सके.
9 आयोजकों के खिलाफ प्राथमिकी
रात 10 बजे के बाद भी लाउडस्पीकर से कार्यक्रम जारी रहने पर पुलिस ने कार्रवाई की. मामले में कुंवरपट्टी निवासी राजन राम के पुत्र राजेश कुमार राम, दुखी साह के पुत्र झुन्नुन कुमार, दिनेश राम के पुत्र दीपक राम, कारी राम के पुत्र गुलशन कुमार राम, छेदी राम के पुत्र राम प्रीत राम, देवनारायण के पुत्र इंदरजीत कुमार, प्रोफेसर राम के पुत्र राजेश राम, राजगीर राम के पुत्र राम बाबू राम एवं मुकेश कुमार साह के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
मामला बिहार लाउडस्पीकर के उपयोग एवं वादन नियंत्रण अधिनियम, 1955 की धारा नौ के तहत दर्ज किया गया है. मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी सतीश कुमार को दी गयी है.
चाकूबाजी में हुई थी युवक की मौत
गौरतलब है कि इसी कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद में चाकूबाजी की घटना हुई थी. इसमें कमलेश राम की हत्या कर दी गयी थी. पुलिस ने मामले में आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है. वहीं छह नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.
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