Darbhanga News: दरभंगा. डीएमसीएच में इलाज के दौरान मरीज के परिजनों की ओर से जूनियर डॉक्टर पर बेल्ट से हमला किए जाने के बाद करीब छह घंटे तक इमरजेंसी सेवा प्रभावित रही. हमले में जूनियर डॉक्टर डॉ. आशुतोष के सिर में गंभीर चोट लगी और उनका सिर फट गया. घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने सुबह करीब 11 बजे इमरजेंसी सेवा बंद कर दी. इसके साथ शाम की ओपीडी के लिए मरीजों का रजिस्ट्रेशन भी रोक दिया गया. इमरजेंसी और रजिस्ट्रेशन बंद होने से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी हुई. शाम करीब छह बजे अस्पताल प्रशासन और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता के बाद गतिरोध समाप्त हुआ.
इलाज के दौरान मरीज के परिजनों से हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, डीएमसीएच के डॉ. केके झा यूनिट में बहेड़ी थाना क्षेत्र के जोरजा गांव निवासी मरीज पलटू लालदेव का इलाज चल रहा था. इसी दौरान सुबह करीब 10.30 बजे मरीज के परिजनों और चिकित्सकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया.
आरोप है कि विवाद के दौरान मरीज के परिजनों में से किसी ने डॉ. आरके झा यूनिट के जूनियर डॉक्टर डॉ. आशुतोष पर बेल्ट से हमला कर दिया. हमले में डॉक्टर के सिर में गंभीर चोट लगी.
डॉक्टर पर हमले के बाद जूनियर डॉक्टरों में आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही अन्य जूनियर डॉक्टरों में आक्रोश फैल गया. विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने करीब 11 बजे इमरजेंसी सेवा बंद कर दी.
इमरजेंसी सेवा प्रभावित होने के बाद गंभीर मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरातफरी की स्थिति बन गयी. कई मरीज इलाज के इंतजार में इमरजेंसी की फर्श पर पड़े नजर आये, जबकि उनके परिजन डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों से मदद की गुहार लगाते रहे.
शाम की ओपीडी का रजिस्ट्रेशन भी बंद
जूनियर डॉक्टरों ने केवल इमरजेंसी सेवा ही बंद नहीं की, बल्कि शाम की ओपीडी के लिए होने वाले मरीजों का रजिस्ट्रेशन भी रोक दिया. इससे दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों की परेशानी और बढ़ गयी.
कई मरीज बिना इलाज के इंतजार करते रहे. अस्पताल प्रशासन की ओर से स्थिति को सामान्य करने के लिए जूनियर डॉक्टरों से लगातार बातचीत की जाती रही.
पुलिस पहुंची डीएमसीएच, फरार आरोपितों की तलाश
मामले की सूचना मिलने के बाद बेता थाना की पुलिस डीएमसीएच पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और डॉक्टरों तथा अस्पताल कर्मियों से घटना के संबंध में जानकारी ली.
घटना के बाद मरीज और उसके परिजन अस्पताल से चले गये. पुलिस अब आरोपितों की पहचान और तलाश में जुटी है. मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है.
छह घंटे बाद वार्ता से समाप्त हुआ गतिरोध
करीब छह घंटे तक इमरजेंसी सेवा प्रभावित रहने के बाद अस्पताल प्रशासन और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई. शाम करीब छह बजे हुई बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध खत्म हुआ.
इसके बाद इमरजेंसी समेत चिकित्सा व्यवस्था को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की गयी. मरीजों को फिर से इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश की गयी.
डॉक्टरों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
डीएमसीएच में डॉक्टर पर हमले की घटना ने अस्पताल परिसर में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिये हैं. डॉक्टरों पर मरीजों के परिजनों की ओर से विवाद और मारपीट की घटनाओं को लेकर अस्पताल प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की चुनौती बनी हुई है.
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