शिक्षाकर्मियों ने 11 सूत्री मांगों के समर्थन में लनामिवि मुख्यालय में दिया धरना

मौके पर मौजूद शिक्षाकर्मियों ने बताया कि उनकी मांगों को पूरा करने का अधिकारियों ने आश्वासन दिया है.

दरभंगा. बिहार राज्य सम्बद्ध, महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर महासंघ की लनामिवि इकाई की ओर से शुक्रवार को विवि मुख्यालय पर 11 सूत्री मांगों को लेकर डॉ महेश ठाकुर की अध्यक्षता में धरना दिया गया. धरना में दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर एवं बेगूसराय जिले के संबद्ध कालेजों के शिक्षाकर्मियों ने भाग लिया. धरना के बाद कुलानुशासक प्रो. विजय कुमार यादव एवं उप कुलानुशासक डॉ कामेश्वर पासवान से आंदोलनकारियों की वार्ता हुई. मौके पर मौजूद शिक्षाकर्मियों ने बताया कि उनकी मांगों को पूरा करने का अधिकारियों ने आश्वासन दिया है. 10 दिनों के भीतर संबंधित विभागों से मांगों को पूरा करने के लिये पत्र जारी हो जाएगा. बताया कि अधिकांश मांगों पर पिछले दिनों हुई सीनेट की बैठक में पूरा करने का कुलपति ने आश्वासन दिया है. अधिकारियों के सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद धरनार्थियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया.

विवि मुख्यालय में करायी जाये कॉपी जांच

इससे पूर्व विवि मुख्यालय के धरनास्थल पर आंदोलनकारियों ने मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की. वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों की जीवंतता तभी बरकरार मानी जाती है, जब उनको पढाने के साथ छात्रों की परीक्षा लेने तथा उन्हें कॉपी मूल्यांकन का अवसर प्राप्त होता है. मिथिला विवि में लगभग पांच वर्षों से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य बंद है. केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा. इसे शीघ्र चालू करना चाहिए. कहा कि कालेजों में नामांकित छात्रों के आवेदन मद का 50 प्रतिशत शेयर करीब पांच सत्रों का विवि लटकाए हुए है. इससे सबसे ज्यादा क्षति संबद्ध कालेजों के शिक्षाकर्मियों को हो रही है. प्रायोगिक परीक्षा में बाह्य परीक्षकों की नियुक्ति करने का अधिकार संबंधित केंद्राधीक्षक को देने का विराेध किया गया. पूर्व की तरह विश्वविद्यालय स्तर से चक्रानुक्रम में परीक्षक अधिकृत करने की मांग की गयी, ताकि इसका लाभ सभी कार्यरत शिक्षकों को मिले. 30 अप्रैल 2007 के बाद नियुक्त शिक्षकों का विवि स्तर से चयन समिति शीघ्र करने, 2018 में करायी गयी चयन समिति की लंबित अधिसूचना जारी करने, कर्मचारियों का पद का सृजन करने की मांग की गयी.

माइनर विषयों की सब्जेक्टिव हो परीक्षा

वक्ताओं ने कहा कि माइनर विषयों की परीक्षा आब्जेक्टिव के बदले सब्जेक्टिव ली जाये. ओल्ड कोर्स 2023, 2024, 2025 की प्रायोगिक परीक्षा का लंबित पारश्रमिक भुगतान किया जाय. वक्ताओं में विद्वत परिषद सदस्य डॉ शंभू नाथ ठाकुर, डॉ शंभू नाथ झा, सीनेट सदस्य डॉ राम सुभग चौधरी, डॉ नवल किशोर सिंह, नवीन कुमार, चंद्रशेखर झा बूढ़ा भाई, खादिम हुसैन, डॉ गुणानंद चौधरी, बृजकिशोर यादव, कमर हुसैन, कुंवर झा, कामेश्वर महतो, जय राम पासवान, रेवतीराम यादव, डॉ राम नंदन राय, डॉ कृष्ण कुमार, डॉ भागीरथ चौधरी, डॉ राजेश रोशन आदि मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

Author: RANJEET THAKUR

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