Darbhanga News: नवजात शिशु में जन्मजात बहरेपन की बढ़ रही बीमारी

Darbhanga News:मिथिलांचल इएनटी एसोसिएशन की ओर से रविवार को डीएमसीएच में कान, नाक और गला रोग विशेषज्ञों का कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया.

Darbhanga News: दरभंगा. मिथिलांचल इएनटी एसोसिएशन की ओर से रविवार को डीएमसीएच में कान, नाक और गला रोग विशेषज्ञों का कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया. इसमें देशभर के नामचीन ईएनटी विशेषज्ञों ने भाग लिया. आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की. वक्ताओं ने ईएनटी से जुड़ी नई तकनीकों, उपकरणों और इलाज के उन्नत तरीकों पर प्रकाश डाला. विशेषकर कान की जटिल सर्जरी, नाक में एलर्जी व साइनस से संबंधित रोगों के आधुनिक उपचार और गले के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में नवीनतम उपलब्धियों की जानकारी दी. विशेषज्ञों ने बताया कि तकनीक और रिसर्च के बढ़ते दायरे ने ईएनटी उपचार को और अधिक सरल, सटीक और प्रभावी बना दिया है. इसके पूर्व कार्यक्रम का उदघाटन डीएमसी प्राचार्य डॉ अलका झा, डीएमसीएच अधीक्षक डॉ शीला कुमारी व अतिथि चिकित्सकों ने दीप जलाकर किया.

शरीर के अंगों में कान, नाक व गला काफी संवेदनशील

हैदराबाद से आये डॉ जीवीएस राव ने कहा कि शरीर के अंगों में कान, नाक और गला काफी सेंसिटिव होता है. इस पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है. राम मनोहर लोहिया अस्पताल दिल्ली के ईएनटी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ सुधीर कुमार मांझी ने कहा कि नवजात में जन्मजात बहरेपन की बीमारी बढ़ रही है. माता- पिता को इस ओर ध्यान देनी चाहिए. उन्हें देखना चाहिए कि बच्चा सुनता है या नहीं.

बच्चा सुनेगा नहीं, उसे बोलने में भी कठिनाई

डॉ रिजवान अहमद एवं डॉ मनोज कुमार ने कहा कि जो बच्चा सुनेगा नहीं, उसे बोलने में भी कठिनाई होगी. अगर बच्चा कुछ नहीं बोल रहा है, तो माता- पिता को सतर्क हो जाना चाहिए. किसी चीज के गिरने और पीछे से आवाज देने पर ध्यान नहीं देता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

चिकित्सकों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यक्रम सुबह आठ से शाम पांच बजे तक चला. चिकित्सकों को व्यवहारिक प्रशिक्षण, प्रत्यक्ष प्रदर्शन तथा विशेषज्ञों द्वारा संवादात्मक सत्रों के माध्यम से नवीनतम चिकित्सा की जानकारी मिली. कोलकाता से डॉ केपी वर्मा और रांची से डॉ समित लाल आदि कार्यक्रम में शामिल हुये. वर्कशॉप में टेम्पोरल बोन डिसेक्शन, साइल एंडोस्कोपी, ब्रोन्कोस्कोपी तथा इसोफैगोस्कोपी जैसी उन्नत तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम में डॉ शम्भूशरण, मो. आले इमरान अंसारी, डॉ अमित शेखर, डॉ अमित कुमार, डॉ मोना सरावगी, डॉ निशांत कुमार, डॉ जयवर्धन, डॉ अमित प्रकाश, डॉ वसीम एहमद, डॉ हेमंत कुमार, डॉ प्रियंका कुमारी, डॉ प्रमोद भारती, डॉ निरंजन, डॉ धनंजय, डॉ संतोष कुमार, डॉ स्वेता, डॉ इमरान खान, डॉ किशन कुमार, डॉ प्रिंस कुमार, डॉ अनुपमा, डॉ प्रीति, डॉ अनामिका, डॉ मानसी, डॉ रश्मी, डॉ मनोज प्रभाकर, डॉ रानी, डॉ होजैफा, डॉ अनामिका, डॉ मनीष व डॉ तन्वी आदि मौजूद थे.

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Author: PRABHAT KUMAR

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