Darbhanga News: विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को पुलिस केन्द्र में दंगा नियंत्रण को लेकर व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. मॉक ड्रिल का नेतृत्व मिथिला क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मनोज तिवारी ने किया. इस दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी, नगर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक साक्षी सहित जिले के कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे.
दंगा जैसी परिस्थितियों से निपटने का कराया गया अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस बल को दंगा जैसी विषम परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निबटने का प्रशिक्षण दिया गया. जवानों ने एंटी राइट गन, टियर गैस, दंगा निरोधी ढाल, हेलमेट तथा अन्य आधुनिक उपकरणों के उपयोग का प्रदर्शन किया. साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने, उपद्रवियों पर प्रभावी कार्रवाई करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीति का अभ्यास भी कराया गया.
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नियमित अभ्यास से बढ़ती है पुलिस की तैयारी : डीआईजी
डीआईजी मनोज तिवारी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी आपात अथवा दंगा जैसी स्थिति में पुलिस बल त्वरित और समन्वित कार्रवाई कर स्थिति पर नियंत्रण स्थापित कर सके, इसके लिए नियमित अभ्यास आवश्यक है. उन्होंने अधिकारियों और जवानों को अनुशासन, सतर्कता तथा संयम के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया.
आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता होती है विकसित
वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने कहा कि समय-समय पर इस प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित करने से पुलिस बल की कार्यकुशलता बढ़ती है और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है. उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को आधुनिक दंगा निरोधी उपकरणों के संचालन में दक्ष होने तथा किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सदैव तैयार रहने का निर्देश दिया.
मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न परिस्थितियों का सजीव प्रदर्शन कर पुलिस बल की तत्परता, समन्वय और दंगा नियंत्रण की तैयारियों का भी आकलन किया गया.
