Darbhanga News: लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत तारडीह प्रखंड की 14 पंचायतों में तैनात स्वच्छता कर्मियों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है. पिछले लगभग 11 महीनों से वेतन और मानदेय नहीं मिलने के कारण इन कर्मियों के परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है. इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के कारण प्रखंड के करीब 150 स्वच्छता कर्मी और उनके आश्रित दाने-दाने को मोहताज हैं.
वार्ड स्तर के कर्मियों से लेकर पर्यवेक्षक तक परेशान
मानदेय के संकट से जूझने वालों में वार्ड स्तर पर चयनित स्वच्छता कर्मियों से लेकर स्वच्छता पर्यवेक्षक, ठेला चालक और डब्ल्यूपीयू (WPU) यूनिट पर तैनात कर्मी शामिल हैं. हर रोज सुबह से लेकर शाम तक ईमानदारी से काम करने वाले इन कर्मियों की रातें अब चिंता में कट रही हैं. दुकानदारों ने इन्हें राशन उधार देना बंद कर दिया है और महाजनों से भी अब कर्ज नहीं मिल रहा है.
बार-बार बीसीओ के तबादले से विभागीय कार्य प्रभावित
इस पूरे मामले पर ब्लॉक कॉर्डिनेटर (बीसीओ) कैलाश कुमार तांती का कहना है कि मानदेय के लिए डिमांड जिला मुख्यालय को भेज दी गई है. उम्मीद है कि एक-आध सप्ताह में मानदेय की राशि पंचायत के खातों में आ जाएगी. हालांकि, इस आश्वासन से कर्मियों में उम्मीद तो जगी है, लेकिन उत्साह गायब है. इधर, तारडीह प्रखंड में सबसे बड़ी समस्या यह है कि बीसीओ का इतनी जल्दी-जल्दी तबादला हो रहा है कि विभागीय कार्य पूरी तरह बेपटरी हो चुका है और व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है.
दरभंगा के तारडीह से विनोद कुमार की रिपोर्ट
