Darbhanga News: बिरौल अंचल के पोखराम दक्षिणी पंचायत स्थित कटैया मुसहरी में जमीन पर कब्जे को लेकर वर्षों से भटक रहे 40 महादलित परिवारों का इंतजार बुधवार को खत्म हो गया. न्यायालय से हरी झंडी मिलते ही अंचलाधिकारी (सीओ) आदित्य शंकर की मौजूदगी में राजस्व कर्मियों ने चिह्नित भूमि की मापी कराकर सभी पर्चाधारियों को दखल दिहानी करा दी. जमीन पर वास्तविक कब्जा मिलते ही भूमिहीन लाभुकों के चेहरे खुशी से खिल उठे.
भू-स्वामी के कोर्ट जाने से लगा था ग्रहण, अब हटा रोड़ा
सीओ आदित्य शंकर ने बताया कि इन सभी लाभुकों को वर्ष 2024 में ही बासगीत पर्चा निर्गत कर दिया गया था. लेकिन एक कथित भू-स्वामी द्वारा इस मामले को न्यायालय में ले जाने के कारण दखल दिहानी की प्रक्रिया पर रोक लग गई थी. हाल ही में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायालय ने रोक हटा दी. कोर्ट का आदेश मिलते ही अंचल प्रशासन तुरंत हरकत में आया और कार्रवाई शुरू की.
भारी पुलिस बल के बीच शांतिपूर्ण तरीके से हुआ सीमांकन
बुधवार को राजस्व कर्मचारी और अमीन की पूरी टीम भारी पुलिस बल के साथ कटैया मुसहरी पहुंची. किसी भी विरोध की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. पुलिस की मौजूदगी में पूरी विवादित जमीन का नए सिरे से सीमांकन किया गया और एक-एक पर्चाधारी को उनके चिह्नित प्लॉट पर ले जाकर प्रशासनिक तौर पर कब्जा दिलाया गया.
‘अब बन सकेगा अपना घर’, पर्चाधारियों ने जताया आभार
भूमि पर कब्जा मिलने के बाद मुसहरी के गरीब परिवारों में जश्न का माहौल है. लाभुकों ने कहा कि वर्षों का सपना आज पूरा हुआ है, अब वे अपनी जमीन पर सुरक्षित घर बना सकेंगे और परिवार का भरण-पोषण कर सकेंगे. सीओ ने साफ किया कि सरकार की मंशा हर गरीब को भूमि का मालिकाना हक देना है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.
दरभंगा के बिरौल से शंकर सहनी की रिपोर्ट
