Darbhanga News: साइबर ठगी का नया जाल, लिंक छूते ही मोबाइल हैक

Darbhanga News: बिरौल में साइबर अपराधियों ने आरटीओ का फर्जी चालान लिंक भेजकर दो लोगों के खातों से 5 हजार रुपये उड़ा लिए. थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने लोगों से ऐसे फ्रॉड लिंक से सावधान रहने की अपील की है. जानिए खबर विस्तार से…

 Darbhanga News: साइबर अपराधी अब आम लोगों को चूना लगाने के लिए फर्जी आरटीओ (RTO) चालान का सहारा ले रहे हैं. रविवार को बिरौल थाना क्षेत्र में इस ठगी के दो मामले सामने आए, जहाँ उछटी गांव निवासी शंभू कुमार खर्गा और सोनपुर गांव निवासी मिथिलेश सिंह इस नए पैंतरे के शिकार हो गए. शातिरों ने दोनों के खातों से कुल 5 हजार रुपये उड़ा लिए.

लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हुआ हैक

दोनों पीड़ित व्यक्तियों ने बताया कि रविवार को अचानक उनके मोबाइल पर आरटीओ के नाम से एक ई-चालान कटने का संदेश (SMS) आया. संदेश के नीचे एक अज्ञात लिंक दिया गया था. जैसे ही उन्होंने चालान की राशि देखने के लिए उस लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल अचानक पूरी तरह हैंग हो गया. इसके कुछ ही मिनटों के भीतर दोनों के बैंक खातों से पैसे कटने के मैसेज आ गए. ठगी का अहसास होते ही दोनों पीड़ितों ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत बैंक से संपर्क कर अपने खातों को फ्रीज (ब्लॉक) करवा दिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया.

RTO कभी नहीं भेजता ऐसा कोई लिंक

इस संबंध में बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि फिलहाल पुलिस को इस मामले में पीड़ितों की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. आवेदन मिलते ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच शुरू की जाएगी. थानाध्यक्ष ने जनता को सचेत करते हुए साफ किया कि आरटीओ विभाग की ओर से कभी भी मोबाइल पर इस तरह का कोई संदिग्ध संदेश या सीधा लिंक नहीं भेजा जाता है.

थानाध्यक्ष की आम लोगों से अपील

साइबर अपराधी अक्सर लोगों की हड़बड़ी और डर का फायदा उठाते हैं. किसी भी अज्ञात नंबर से आए आरटीओ चालान के संदेश में दिए गए लिंक को बिल्कुल न खोलें. किसी भी संदिग्ध जालसूत्र (लिंक) पर क्लिक करने से पहले परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर गाड़ी का नंबर डालकर चालान की सच्चाई जांच लें. यदि ठगी होती है, तो बिना देर किए तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं.

दरभंगा के बिरौल से शंकर सहनी की रिपोर्ट

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Published by: Purushottam Kumar

Purushottam Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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