दरभंगा के बिरौल से शंकर सहनी की रिपोर्ट
Darbhanga News: जिले के बिरौल अनुमंडल व्यवहार न्यायालय में मद्यनिषेध न्यायालय (शराबबंदी कोर्ट) की स्थापना की कवायद तेज हो गई है. संयुक्त आयुक्त मद्यनिषेध कृष्ण कुमार ने 27 मई को विशेष सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी को पत्र भेजकर इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. इस पत्र की प्रतिलिपि मद्यनिषेध उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी के आप्त सचिव समेत अन्य वरीय अधिकारियों को भी भेजी गई है.
मंत्री को लिखे पत्र के बाद शुरू हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई बार एसोसिएशन बिरौल के पूर्व सचिव व वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश कुमार द्वारा 18 मई को किए गए प्रयास के बाद शुरू हुई है. उन्होंने विभागीय मंत्री मदन सहनी को पत्र लिखकर बिरौल में मद्यनिषेध कोर्ट खोलने की पुरजोर मांग की थी. पत्र में बताया गया था कि 35 वर्ष पूर्व स्थापित इस अनुमंडल की आबादी लगभग 15 लाख है. इसके अंतर्गत 83 पंचायतें, 303 राजस्व ग्राम, आठ थाने और छह प्रखंड शामिल हैं.
जिला मुख्यालय की दूरी से मिलेगी मुक्ति, समय और पैसे की होगी बचत
वर्तमान में बिरौल अनुमंडल मुख्यालय से जिला मुख्यालय दरभंगा की दूरी 45 किलोमीटर है. शराबबंदी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए स्थानीय लोगों और वकीलों को दरभंगा जाना पड़ता है. आने-जाने में ही 5 से 6 घंटे का समय बर्बाद होता है, जिससे लोगों को भारी आर्थिक और शारीरिक परेशानी उठानी पड़ती है. बिरौल न्यायालय में अत्याधुनिक भवन और मद्यनिषेध थाना पहले से उपलब्ध है. इस कोर्ट के खुलने से बिरौल, घनश्यामपुर, कुशेश्वरस्थान, गौड़ाबौराम, किरतपुर और कुशेश्वरस्थान पूर्वी के लोगों को स्थानीय स्तर पर सुलभ न्याय मिलेगा और मुकदमों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा.
