दरभंगा: बिरौल में डेढ़ किलोमीटर सड़क बनी मुसीबत, स्कूली बच्चों का निकलना हुआ मुश्किल

Darbhanga News: बिरौल में पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के घर के सामने की सड़क बदहाल पड़ी है. डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क पर गड्ढे और जलजमाव से लोगों को भारी परेशानी हो रही है. ग्रामीणों ने जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग उठाई है. पढ़ें पूरी खबर…

Darbhanga News: बिरौल इलाके में सुपौल मदरसा रहमानिया से जिरात मध्य विद्यालय तक जाने वाली सड़क बदहाल हालत में लोगों की परेशानी बढ़ा रही है. करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी यह सड़क जगह-जगह टूट चुकी है. बड़े गड्ढों और जलजमाव की वजह से राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है. हैरानी की बात यह है कि यह सड़क वीआईपी पार्टी के सुप्रीमो और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के घर के सामने से गुजरती है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत वर्षों से नहीं सुधरी.

बरसात में सड़क बन जाती है तालाब

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है. सड़क पर बने गड्ढे हादसों को न्योता देते हैं। गांव के लोगों को रोजाना कीचड़ और पानी से होकर गुजरना पड़ता है.

स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी

स्थानीय शिक्षक संजय महतो ने बताया कि मदरसा रहमानिया और जिरात मध्य विद्यालय के सैकड़ों बच्चे रोज इसी रास्ते से स्कूल आते-जाते हैं. बरसात में बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं और कई बार चोटिल भी हो जाते हैं. खराब सड़क की वजह से कई अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से भी हिचकिचाते हैं.

चुनाव में वादे हुए, सड़क नहीं बनी

ग्रामीण श्रीराम सहनी ने कहा कि हर चुनाव में नेता सड़क बनाने का भरोसा देते हैं. कई बार सर्वे भी हुआ, लेकिन अब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हो सका. लोगों का कहना है कि जब पूर्व मंत्री के घर के सामने की सड़क की यह हालत है तो आम लोगों की समस्याओं पर कौन ध्यान देगा.

एक साल में ही टूट गई थी सड़क

स्थानीय निवासी पवन सहनी ने बताया कि भाजपा सांसद कीर्ति आजाद के कार्यकाल में इस सड़क का कालीकरण हुआ था. लेकिन निर्माण के एक साल बाद ही सड़क टूटने लगी. इसके बाद कभी इसकी मरम्मत नहीं हुई. अब हालत यह है कि कई हिस्से पूरी तरह गड्ढों में बदल चुके हैं.

विभाग से संपर्क नहीं, डीपीआर पटना में लंबित

ग्रामीण कार्य विभाग बिरौल प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता बालेश्वर राम से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन फोन पर बात नहीं हो सकी. वहीं सड़क निर्माण के संवेदक अकरम जावेद ने बताया कि पहले सड़क के कालीकरण की योजना थी, लेकिन पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने पीसीसी सड़क बनाने की मांग रखी. इसके बाद संशोधित डीपीआर करीब नौ महीने पहले पटना भेजा गया, जो अब तक लंबित है. डीपीआर मंजूर होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.

दरभंगा के बिरौल से शंकर सहनी की रिपोर्ट

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सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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