दरभंगा से सतीश कुमार की रिपोर्ट
Darbhanga News: नवसृजित डिग्री कॉलेजों में आगामी एक जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने जा रहा है.इस बीच इन कॉलेजों में पदस्थापित प्रधानाचार्यों (प्रिंसिपलों) एवं बर्सरों के स्थानांतरण अथवा पदस्थापन स्थल परिवर्तन संबंधी आवेदनों पर राज्यपाल सचिवालय ने पूरी तरह रोक लगा दी है.कुलाधिपति के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह द्वारा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (लनामिवि) सहित बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस संबंध में एक कड़ा पत्र भेजा गया है.
तबादले के लिए आवेदन करना दुर्भाग्यपूर्ण
राजभवन द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नवसृजित डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों को निर्धारित समय पर सुचारु रूप से शुरू करने के लिए अधिकारियों एवं कर्मियों की पूर्ण प्रतिबद्धता तथा संस्थागत सहयोग अत्यंत आवश्यक है.ऐसे महत्वपूर्ण समय में अधिकारियों द्वारा स्थानांतरण अथवा कार्यस्थल परिवर्तन के लिए आवेदन प्राप्त होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.निर्देश के अनुसार अगले आदेश तक किसी भी स्तर पर ऐसे आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा.
सर्जना निखार शिविर के जरिए हुनरमंद बन रहीं छात्राएं
दूसरी तरफ, दरभंगा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से आयोजित ग्रीष्मकालीन ‘सर्जना निखार शिविर’ के तीसरे दिन छात्राओं को उन्नत एवं व्यावहारिक कौशल का प्रशिक्षण दिया गया.शिविर में प्रतिभागियों ने योग, कंप्यूटर, ब्यूटीशियन, स्पोकन इंग्लिश, फाइन आर्ट तथा संगीत की विशेष कक्षाओं में उत्साह के साथ भाग लिया.
छात्राओं ने सीखे स्वरोजगार और रचनात्मकता के गुर
योग प्रशिक्षिका शिवानी कुमारी ने छात्राओं को योगासन सिखाए, जबकि कंप्यूटर वर्ग में राहुल सिंह ने इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी.ब्यूटीशियन प्रशिक्षण में कुमारी ईशा ने स्वरोजगार और स्पोकन इंग्लिश वर्ग में एके झा ने अंग्रेजी संवाद का अभ्यास कराया.फाइन आर्ट वर्ग में प्रियंका कुमारी, नूतन कुमारी एवं रिंकू राय के मार्गदर्शन में छात्राओं ने कछुए का चित्र बनाया.वहीं संगीत वर्ग में सुमन सिंह एवं सुमन मंडल ने गिटार संग गायन की बारीकियां सिखाईं.शिविर की आयोजक शालिनी कुमारी ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का विकास करना है.
