दरभंगा के बहादुरपुर से पुरुषोत्तम चौधरी की रिपोर्ट
Darbhanga News: दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड में स्थित ऐतिहासिक धोबिया पोखर इन दिनों अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है. प्रखंड मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर बहादुरपुर पंचायत भवन और कर्पूरी आश्रम के पीछे स्थित यह सरकारी तालाब अतिक्रमण, अवैध निर्माण और वर्षों की उपेक्षा के कारण लगातार सिकुड़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह ऐतिहासिक जलस्रोत पूरी तरह समाप्त हो सकता है.
अतिक्रमण और गाद से घिरा ऐतिहासिक तालाब
करीब चार बीघा क्षेत्र में फैला धोबिया पोखर लंबे समय से सफाई और संरक्षण के अभाव में जलकुंभी और गाद से भर गया है. तालाब बचाओ अभियान से जुड़े इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. संजय कुमार सहनी का कहना है कि इसी का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने तालाब और आसपास की सरकारी जमीन पर मिट्टी भरकर पक्के निर्माण शुरू कर दिए हैं.
जल संरक्षण और पर्यावरण पर बढ़ा खतरा
डॉ. सहनी का कहना है कि यह केवल अतिक्रमण का मामला नहीं, बल्कि पर्यावरण, जल संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा गंभीर मुद्दा है. उन्होंने कहा कि मिथिला की पहचान तालाबों और पारंपरिक जल संरचनाओं से रही है, लेकिन संरक्षण के अभाव में ये धरोहरें तेजी से खत्म हो रही हैं.
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और तालाब बचाओ अभियान से जुड़े लोगों ने जिला प्रशासन से सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर तालाब का सीमांकन कराने, अवैध अतिक्रमण हटाने और इसके पुनर्जीवन के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है. साथ ही भविष्य में नए अतिक्रमण पर रोक लगाने और स्थायी निगरानी व्यवस्था बनाने की भी मांग उठाई गई है.
क्या बोला प्रशासन?
इस मामले पर अंचल अधिकारी निश्छल प्रेम ने कहा कि फिलहाल उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. यदि शिकायत या आवेदन प्राप्त होता है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
