दरभंगा से अजय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
Darbhanga News: दरभंगा एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए बड़ी सौगात पहुंची है. राजस्थान से दो अत्याधुनिक एयरोब्रिज एयरपोर्ट परिसर में पहुंच चुके हैं. इनके इंस्टॉलेशन के बाद यात्री सीधे नए टर्मिनल भवन से विमान में प्रवेश कर सकेंगे, जिससे बस और पैदल रनवे तक जाने की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी. एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार नए टर्मिनल भवन के साथ यात्री सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है. इसी क्रम में एयरोब्रिज को तकनीकी मानकों के अनुसार स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके लिए एयरपोर्ट परिसर में आवश्यक संरचनात्मक कार्य भी जारी है.
यात्रियों को मिलेंगी बड़ी राहतें
फिलहाल दरभंगा एयरपोर्ट पर यात्रियों को बस या पैदल रनवे तक जाना पड़ता है और विमान में सीढ़ियों के जरिए प्रवेश करना होता है. यह व्यवस्था गर्मी, बारिश और ठंड के मौसम में काफी असुविधाजनक साबित होती रही है.
एयरोब्रिज शुरू होने के बाद यात्रियों को एयरकंडीशन बंद कॉरिडोर के जरिए सीधे विमान तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी. इससे न केवल आराम बढ़ेगा, बल्कि बोर्डिंग प्रक्रिया भी अधिक सुरक्षित और तेज होगी.
सुरक्षा और सुविधा दोनों में सुधार
एयरोब्रिज लागू होने से रनवे पर वाहनों और यात्रियों की आवाजाही कम होगी, जिससे दुर्घटना की संभावना भी घटेगी. बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांग और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित होगी.व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के लिए भी यह सिस्टम यात्रा को आसान बनाएगा.
दरभंगा एयरपोर्ट बनेगा आधुनिक हब
सूत्रों के अनुसार नए टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके पूरा होने के बाद एयरपोर्ट की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा.आधुनिक प्रतीक्षालय, विस्तृत पार्किंग, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी सुविधाओं के साथ इसे उत्तर बिहार के प्रमुख हवाई केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है.
स्थानीय लोगों में एयरोब्रिज पहुंचने को लेकर उत्साह है और इसे दरभंगा एयरपोर्ट के विकास की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
क्या है एयरोब्रिज
एयरोब्रिज या जेट ब्रिज वह बंद कॉरिडोर होता है, जो सीधे टर्मिनल भवन को विमान के दरवाजे से जोड़ता है. इसके जरिए यात्री बिना रनवे पर गए सीधे विमान में चढ़ते और उतरते हैं.
एयरोब्रिज न होने पर व्यवस्था
जहां एयरोब्रिज नहीं होता, वहां यात्रियों को बस से विमान तक ले जाया जाता है या पैदल रनवे पर जाकर सीढ़ियों के जरिए विमान में चढ़ना पड़ता है. छोटे एयरपोर्ट पर यह व्यवस्था आम है.
