दरभंगा के बहादुरपुर से पुरुषोत्तम चौधरी की रिपोर्ट
Madrasa News: दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सिनुआरा गांव में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब चार नाबालिग किशोर पैरों में जंजीर और ताला लगाए हुए भटकते मिले. स्थानीय लोगों ने सभी किशोरों को सुरक्षित स्थान पर बैठाया और इसकी सूचना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही बहादुरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों किशोरों को अपने साथ लेकर बालगृह भेज दिया.
ग्रामीणों ने देखा तो पुलिस को दी सूचना
स्थानीय लोगों के अनुसार चारों किशोर गांव में संदिग्ध स्थिति में घूम रहे थे. जब लोगों ने उनके पैरों में जंजीर और ताला देखा तो उनसे पूछताछ की. इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी किशोरों को अपने संरक्षण में लिया.
मदरसे पर लगाया प्रताड़ना का आरोप
किशोरों ने ग्रामीणों और पुलिस को बताया कि वे अररिया संग्राम क्षेत्र के रहने वाले हैं और हायाघाट प्रखंड के सिरनिया स्थित एक मदरसे में पढ़ाई के लिए आए थे. उनका आरोप है कि मदरसे में उनके साथ मारपीट की जाती थी.
उन्होंने बताया कि उन्हें परिवार से बात करने की अनुमति नहीं दी जाती थी और शौचालय साफ कराने जैसे काम भी कराए जाते थे. किशोरों का यह भी आरोप है कि भागने से रोकने के लिए उनके पैरों में जंजीर और ताला लगा दिया गया था.
मौका मिलते ही मदरसे से भाग निकले
चारों किशोरों ने बताया कि वे पिछले करीब एक महीने से मदरसे में रह रहे थे. शुक्रवार को मौका मिलने पर वे वहां से भाग निकले और भटकते हुए बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सिनुआरा गांव पहुंच गए. ग्रामीणों की मदद से उन्हें सुरक्षित रखा गया, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की.
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पुलिस ने बालगृह भेजा, जांच शुरू
बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम गांव पहुंची थी. चारों किशोरों को सुरक्षित बाल पर्यवेक्षण गृह भेज दिया गया है.
उन्होंने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.
पांच साल पहले भी चर्चा में आया था सिरनिया मदरसा
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब पांच वर्ष पूर्व हायाघाट प्रखंड के सिरनिया स्थित इसी मदरसे में बम विस्फोट की घटना भी हुई थी, जिसके बाद यह संस्थान चर्चा में आया था. हालांकि वर्तमान मामले में पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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