Darbhanga News: दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (DMCH) से एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाली और बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है. इसे लचर स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव कहें या ऑन-ड्यूटी स्वास्थ्य कर्मियों की घोर लापरवाही, जिसने एक नवजात मासूम के दुनिया में कदम रखते ही उसके सिर से मां का आंचल हमेशा-कमेशा के लिए छीन लिया. मामला दरभंगा जिले के नगर पंचायत कमतौल अहियारी के कमतौल गांव से जुड़ा है, जहां एक प्रसूति महिला ने बच्चे को जन्म देने के चंद मिनटों बाद ही इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस भावुक और दुखद घटना के बाद से नवजात शिशु के भविष्य और उसके पालन-पोषण को लेकर पूरे इलाके में शोक की लहर है.
ऑपरेशन से स्वस्थ बच्चे को दिया जन्म
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कमतौल निवासी उदित लिल्हा की 23 वर्षीय पत्नी जनसूर्या कुमारी को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने के बाद परिजनों द्वारा डीएमसीएच (DMCH) के प्रसूति विभाग में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन (सिजेरियन डिलीवरी) करने का फैसला किया. ऑपरेशन के बाद जनसूर्या ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, जिससे परिवार में खुशियां छा गईं.
परंतु, यह खुशी कुछ ही मिनटों तक टिक सकी. बच्चे के जन्म के तुरंत बाद अचानक जनसूर्या की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और वह तड़पने लगी. वार्ड में तैनात कर्मियों और डॉक्टरों द्वारा स्थिति को अनियंत्रित होता देख आनन-फानन में प्रसूता को गंभीर हालत में अस्पताल के ही ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया. लेकिन ट्रॉमा सेंटर पहुंचते-पहुंचते जनसूर्या की सांसें टूट चुकी थीं और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पति ने नम आंखों से दी मुखाग्नि
शनिवार को जब प्रसूता का शव अस्पताल से उनके पैतृक गांव कमतौल पहुंचा, तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया. परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में शनिवार को ही स्थानीय श्मशान घाट पर मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया गया. रोते-बिलखते पति उदित लिल्हा ने नम आंखों से अपनी जीवनसंगिनी के शव को मुखाग्नि दी.
ग्रामीणों ने बताया कि मृतका जनसूर्या कुमारी कोई साधारण ग्रामीण महिला नहीं थीं, बल्कि उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र की उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए BSc नर्सिंग की परीक्षा ससम्मान उत्तीर्ण की थी. चिकित्सा विज्ञान की समझ रखने वाली एक होनहार बेटी की खुद अस्पताल की कथित लापरवाही के कारण जान चली जाना, इस पूरी घटना पर और भी बड़े गंभीर सवाल खड़े करता है. उनके असामयिक निधन से हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
परिजनों का DMCH में भारी हंगामा
जनसूर्या की मौत से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने शुक्रवार की रात ही डीएमसीएच परिसर में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में घोर लापरवाही, समय पर ध्यान न देने और ‘मेडिकल नेग्लिजेंस’ (चिकित्सकीय त्रुटि) का सीधा आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया.
मृतका के पति उदित लिल्हा ने रोते हुए सीधे तौर पर अस्पताल प्रबंधन को कटघरे में खड़ा किया है. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी खुद मेडिकल क्षेत्र से थीं और डॉक्टरों की एक बड़ी तकनीकी और चिकित्सकीय चूक के कारण ही उनकी जान गई है. पीड़ित पति और कमतौल के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों और डीएमसीएच के अधीक्षक से इस पूरे मामले की एक उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कमेटी गठित करने की पुरजोर मांग की है, ताकि दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जा सके.
दरभंगा के कमतौल से शिवेंद्र कुमार शर्मा की रिपोर्ट
